पेपरों में फेल होकर अपने पिता की मार के डर से 13 वर्षीय किशोर ने अपने ही अपहरण का ड्रामा रच डाला। उसने अपने पिता को फोन कर कहा कि कार चालक उसे अगवा कर लाए है और उसे अंधेरे कमरे में रखा हुआ है। फोन आने के बाद घबराए पिता ने इसकी शिकायत थाना डिवीजन दो की पुलिस को दी।
बच्चे के अपहरण की सूचना मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे देखे, लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। पुलिस ने 13 वर्षीय बच्चे विशाल के पिता बसंत सिंह की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की। देर शाम बच्चे का पता लगाकर उसे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया। पुलिस पूछताछ में बच्चे ने सारी कहानी बयान कर दी।
एसीपी सेंट्रल अमनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि मिलरगंज के रहने वाले बसंत सिंह का धागे का काम है। घर के पास ही उसकी छोटी सी फैक्टरी है। उसका 13 वर्षीय बेटा आठवीं कक्षा के तीन पेपरों में फेल गया। उसने इस बारे में अपने पिता को नहीं बताया। उसे डर था कि पिता उसे डांटेंगे। पिता की डांट और मार से बचने के लिए उसने खुद के अपहरण की कहानी रची।
सोमवार सुबह वह घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गया। दोपहर को विशाल ने अपने पिता को फोन कर कहा कि कार सवार दो युवक उसे पानी पिलाने के बाद अपहरण कर ले आए हैं और उसे अंधेरे कमरे में रखा हुआ है। इसके बाद फोन कट गया। बसंत सिंह ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंच घर के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो कोई भी वारदात सामने नहीं आई। पुलिस ने नंबर ट्रेस करवाए तो पता चला कि नंबर चंडीगढ़ का है। पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संपर्क किया और एसएचओ डिवीजन दो गुरवीर सिंह की अगवाई में एक टीम चंडीगढ़ रवाना हुई। देर शाम पुलिस ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से बच्चे को पकड़ लिया गया।