प्रदेश के विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने को लेकर हुए घोटाले के एक और आरोपी ने में विजिलेंस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आरोपी पहचान खुशप्रीत उर्फ सुखप्रीत सिंह निवासी बठिंडा के तौर पर हुई है। विजिलेंस ने उसे शुक्रवार को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया है।
नौकरी घोटाले में अब तक विजिलेंस की ओर से करीब तीस गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। मुख्य नाम अकाली पार्षद शाम लाल डृढी का है। इस के अलावा विजिलेंस ने मालवा क्षेत्र के अकाली व कांग्रेसी नेताओं के साथ दोस्ती रखने वाले गुरदीप सिंह संधू को गिरफ्तार किया था।
शिकंजा कसता देख इस घोटाले में अहम भूमिका निभाने वाले बठिंडा के खुशप्रीत सिंह उर्फ सुखप्रीत सिंह ने विजिलेंस समक्ष शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद विजिलेंस ने आरोपी को अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड हासिल कर लिया ।
सूत्रों ने बताया कि बठिंडा से संबंधित उक्त आरोपी लखनऊ के मास्टरजी का अति करीबी है और यही लखनऊ में उम्मीदवारों को पेपरों की तैैयारी करवाने में अहम भूमिका निभाता था। सूत्रों ने बताया कि लखनऊ के मास्टर जी की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस लगातार उसके ठिकानों पर छापामारी कर रही है। वह अभी तक विजिलेंस के हाथ नही लग पाया ।