जगरांव में अखाड़ा नहर के नजदीक ख्वाजा पीर की जगह पर सेवा कर लौट रहे बाइक सवार से हुई लूट के मामले में पुलिस ने तीन महीने बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। अब इसे पुलिस की कामयाबी कहें या फिर सुस्त कार्रवाई। आरोपी का सुराग मिलने के बावजूद भी उसे पकड़ने में तीन महीने का समय लग गया। पुलिस इसे अपनी सफलता बता रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखप्रीत सिंह उर्फ सुक्खा, उर्फ कट्टा निवासी हांस कला के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटी गई रकम में से महज 1000 रुपये बरामद करने का दावा किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले पीड़ित जगमेल सिंह ख्वाजा पीर पर सेवा करने के बाद अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। जैसे ही वह बाइक पर बैठा, दो बाइक सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया। पीछे बैठे आरोपी ने तेजधार हथियार दिखाकर धमकाया कि जो है, निकालकर दे दे। विरोध करने पर दूसरे आरोपी ने बाइक की चाबी निकाल ली और पीड़ित की जेब से नकदी छीन ली। जाते-जाते बदमाश बाइक की चाबी झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।
पीड़ित बना खुद ही जासूस
हैरानी की बात यह कि पीड़ित ने खुद झाड़ियों से चाबी ढूंढी, बदमाशों के पीछे गया और बाद में थाना सिटी पुलिस को सूचना दी। इतना ही नहीं, पीड़ित खुद आरोपियों की तलाश में जुटा रहा और एक लुटेरे की पहचान भी पुलिस तक पहुंचाई।
एफआईआर में देरी, कार्रवाई में ढिलाई
पुलिस ने घटना के पांच दिन बाद मामला दर्ज किया और पहले आरोपी सुखदीप सिंह उर्फ मोगली (निवासी गांव ढोलन) को तो पकड़ लिया, लेकिन दूसरा आरोपी तीन महीने तक फरार रहा। अब जाकर गिरफ्तारी हुई है।