मेयर हरचरण सिंह गोहलवढ़िया के नजदीकी कुलजीत सिंह धंजल के खिलाफ थाना शिमलापुरी पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। धंजल ने अपने ही एक दोस्त को बिजली बोर्ड में पक्की नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख रुपये लिए। बाद में उसे न तो नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस मिले।
जब पंचायती राजीनामा हुआ तो धंजल की तरफ से दिया गया चार लाख का चेक भी बाद में बाउंस हो गया। फिलहाल थाना शिमलापुरी पुलिस ने मेन मार्केट राम नगर के रहने वाले संदीप सिंह की शिकायत पर कुलजीत सिंह धंजल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं मेयर ने कहा है कि धंजल उनके साथी हैं, पीए नहीं। उन्होंने उक्त व्यक्ति से दो लाख रुपये ब्याज पर बिजनेस के लिए ले रखे थे। उन्हें फंसाने के लिए यह मामला बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक संदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी कि कुलजीत सिंह धंजल खुद को सियासी नेताओं का नजदीकी बताता है। वह खुद को बिजली बोर्ड में सिलेक्शन कमेटी का सदस्य भी बताता था। संदीप के मुताबिक उसने अपने इलेक्ट्रिशियन डिप्लोमा के बारे में धंजल को बताया तो धंजल ने कहा कि वह उसकी बिजली बोर्ड में पक्की नौकरी लगवा सकता है। इसके लिए चार लाख रुपये लगेंगे।
संदीप ने कहा कि वह पैसे देने के लिए मान गया। बाद में संदीप ने अपने दोस्त जसपाल सिंह के साथ मिलकर धंजल को चार लाख रुपये दे दिए। काफी समय बीतने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो संदीप ने अपने पैसे वापस मांगे। धंजल टाल मटोल करने लगा। संदीप ने कहा कि उसके बाद पंचायती राजीनामा हो गया और धंजल ने चार लाख रुपये का एक चेक उसे दे दिया जो बाद में बाउंस हो गया।
इसके बाद उसने काफी बार धंजल से पैसे मांगे। कोई जवाब तो नहीं मिला, उल्टा वह धमकियां देने लगा। उसके बाद संदीप ने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने धंजल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। थाना शिमलापुरी के इंचार्ज गुरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने धंजल को नोटिस भेज दिया है। उसकी तलाश की जा रही है।