जम्मू-कश्मीर के आईएएस अधिकारी प्रमोद जैन की लाल बत्ती लगी गाड़ी से बैग चुराने समेत 13 वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्यों को लुधियाना पुलिस ने काबू कर लिया है। उनकी पहचान सुनील कुमार, राजू, अविनाश, आकाश और शेखर के तौर पर हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से दक्षिण के हैं और दिल्ली में रहते हैं।
सभी पिछले दो महीनों से लुधियाना में आए हुए थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 2.50 लाख रुपये, 10 तोले सोने के आभूषण, 50 ग्राम चांदी सिक्के, चांदी की मूर्ति व तेजधार हथियार बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना लाडोवाल समेत कई थानों में मामले दर्ज हैं।
डीसीपी नरेंद्र भार्गव ने जानकारी दी कि सीआईए-वन की पुलिस गश्त पर थी। उन्हें सूचना मिली थी कि गांव कादियां के एक प्लाट में कुछ हथियारबंद युवक बैठे हैं। वे लूट की बड़ी योजना तैयार कर रहे हैं। सीआइए-1 ने टीम बना कर उक्त स्थान पर रेड की और सभी आरोपियों को चोरीशुदा सामान व हथियारों समेत गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी बहुत ही शातिर हैं। वह खुद तो वारदात अंजाम देते ही थे, साथ ही कई वारदातों में वे बच्चों का भी इस्तेमाल करते थे। गिरोह के साथ दो बच्चे भी थे, लेकिन वह पकड़ में नहीं आए।
आरोपियों ने 18 दिसंबर, 2015 को आईएएस अधिकारी की गाड़ी से बैग चुराने के लिए भी बच्चे का इस्तेमाल किया था। जिसने गाड़ी के अंदर से बैग चुरा कर आगे खड़े उनके साथी को पकड़ा दिया था। इसके बाद आरोपी बैग लेकर चंपत हो गए।
आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद कैश, सोने व चांदी के गहने व कीमती सामान रख कर इलेक्ट्रानिक सामान फेंक देते थे। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने कई मोबाइल फोन व लैपटॉप सतलुज दरिया व भाखड़ा नहर में भी फेंके हैं। पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। अब तक आरोपियों ने लूटपाट की 13 वारदातें कबूल की हैं।