कीडे़ मार दवा पीकर छत पर खड़ा किसान बलजीत सिंह बल्लू।
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उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने गांव जोधपुर में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने किसान बलजीत सिंह बल्लू व उसकी मां बलवीर कौर द्वारा आत्महत्या के मामले में गृह विभाग के मुख्य सचिव जगपाल सिंह संधू और डीजीपी सुरेश अरोड़ा से लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों संबंधी तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी।
सोमवार को तीन दिन बीतने पर भी पुलिस अधिकारी, लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों को बचाने में जुटे हुए हैं और उनके नाम सार्वजनिक करने से गुरेज कर रहे हैं। वहीं इस प्रकरण की एक वीडियो वायरल हो चुका है, जिसमें किसान बलजीत सिंह बल्लू अपने मकान की छत पर कीडे़मार दबा लेकर घूम रहा है और कह रहा है कि अगर उसकी जमीन व मकान पर कब्जा किया तो वह जान दे देगा।
मौके पर खडे़ पुलिस अधिकारी उल्टा उसको ही डरा धमका रहे हैं और खड़े होकर खुदकुशी का ड्रामा देख रहे हैं। एक डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस कर्मचारी उसके शव को छत से उतार लेते हैं।
संघर्षशील संगठनों ने एलान किया है कि किसान मां बेटा की अंतिम अरदास वाले दिन जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर से इस मामले में लापरवाही करने वाले अधिकारियों संबंधी जवाब मांगा जाएगा। सोमवार को जब उनसे लापरवाही के आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
वहीं आईजी पटियाला रेंज पटियाला उमरानंगल ने कहा कि ऊपर से आए आदेशों मुताबिक लापरवाही करने वाले अधिकारियों की पहचान संबंधी डीआईजी पटियाला रेंज पटियाला बलकार सिंह सिद्धू की ड्यूटी लगाई गई है। वह दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देंगे। अगर इस मामले में कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी आरोपी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जब उनसे पूछा गया कि डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने लापरवाही करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों संबंधी डीजीपी सुरेश अरोड़ा व गृह विभाग के सहायक सचिव जगपाल सिंह संधू से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी जोकि पूरे हो गए हैं तो आईजी उमरानंगल ने कहा कि डीजीपी सुरेश अरोड़ा व गृह विभाग के सहायक सचिव जगपाल सिंह संधू भी सारे मामले की अलग से जांच करवा रहे हैं। डीआईजी पटियाला बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि वह आईजी उमरानंगल के आदेशों पर जांच में जुट गए हैं। बिना किसी पक्षपात के जांच की जाएगी।