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गबन मामले की सुनवाई अब सेंट्रल जेल लुधियाना में होगी

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गबन मामले की सुनवाई अब सेंट्रल जेल लुधियाना में होगी
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अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। कुलार गांव की सहकारी सभा में हुए करीब आठ करोड़ के गबन मामले की सुनवाई अब लुधियाना सेंट्रल जेल में होगी। पंजाब सरकार के गृह विभाग ने गांव वासियों की मांग एंव सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के हस्तक्षेप देते हुए सरकारिता विभाग के डिप्टी डायरेक्टर परमजीत सिंह ने बताया कि कुलार की सहकारी सभा के सचिव जगतार सिंह ने सभा के 7.91 करोड़ का गबन कर लिया था। गबन के इस सनसनीखेज मामले संबंधी थाना दाखा में धोखाधड़ी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस मामले में सचिव जगतार सिंह के अलावा सभा के प्रधान बलदेव सिंह नार्वे, उप प्रधान चरणजीत सिंह, सदस्य गुरदीप सिंह, संता सिंह, तरसेम सिंह एंव सरबजीत सिंह को नामजद किया गया था। सचिव जगतार सिंह वासी चचराढ़ी अब लुधियाना की केंद्रीय जेल में मामले के ट्रायल का सामना कर रहा है। सभा का उप प्रधान चरणजीत सिंह विदेश फरार हो चुका है। जबकि प्रधान बलदेव सिंह नार्वे सहित अन्य जमानत पर बाहर आ गए है।
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इस मामले संबंधी सुनवाई पहले रजिस्ट्रार पंजाब चंडीगढ़ द्वारा सहायक रजिस्ट्रार मोगा, सुल्तानपुर लोधी, फिल्लौर और खन्ना के दफ्तरों में हो रही थी। पिछले दिनों गांव कुलार के एक समागम में पहुंचे सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के समक्ष पीड़ित गांव वासियों ने जगह जगह सुनवाई से होने वाली परेशानी से उन्हें अवगत करवाया था। गांव के लोगों ने सुनवाई लुधियाना में एक जगह करवानेकी मांग की थी। सांसद बिट्टू ने गृह विभाग पंजाब में मामले को उठाया जिसके बाद अब यह सुनवाई लुधियाना की केंद्रीय जेल में करवाने के गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिए है। सभा का सचिव जगतार सिंह चचराढ़ी लुधियाना केंद्रीय जेल में ही बंद है और अब हर सुनवाई पर वह भी हाजिर रहेगा। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष दो जनवरी को थाना दाखा में आठ करोड़ के इस भारी भरकम गबन का मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज करनेमें लगातार टाल मटौल कर रही जिला देहाती पुलिस के खिलाफ लोक इंसाफ पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। पुलिस एंव सिविल प्रशान पर बैंस द्वारा दबाव बनाने के बाद डिप्टी कमिश्नर लुधियाना ने आठ सदसीय टीम बनाकर करोड़ों के इस घोटाले की जांच करवाई। जांच में पाया गया कि कुलार गांव के 110 किसान परिवारों के 28 नवंबर 2016 से दिसंबर 2017 तक फर्जी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट एंव अन्य फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब आठ करोड़ रुपये हड़प लिए गए। हैरानीजनक यह कि सचिव जगतार सिंह चचराढ़ी द्वारा यह सभी रुपये प्रधान बलदेव सिंह नार्वे एंव उप प्रधान चरणजीत सिंह के दस्ताखतों के सहयोग से ही निकलवाएगए और हड़प कर लिए गए। कुलार गांव के पीड़ित 110 किसान परिवार अब अपनी गाढ़ी खून पसीने की कमाई वापिस पाने के लिए दर दर ठोकरे खाते फिर रहे है।
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