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घर से सिलैंडर लेने गई 10वीं कक्षा छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में

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नाबालिग छात्रा से दुराचार के दोषी को बीस वर्ष की सजा
बस स्टैंड पर सिलेंडर लेने गई छात्रा को अगवा कर किया था दुराचार
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं स्तर न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष की सजा के साथ 3 लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जिले के गांव राएखाना की नाबालिग 15 वर्षीय छात्रा ने पुलिस को अपने माता-पिता को साथ लेकर शिकायत दर्ज करवाई कि 2 अक्तूबर 2015 को वह सिलेंडर लेने के लिए राएखाना बस अड्डे पर गई तो रास्ते में अमृतपाल सिंह पुत्र सुखमंदर सिंह व उसके एक साथी मनप्रीत सिंह पुत्र नछत्तर सिंह उसे अगवा कर अपने घर में ले गए। जहां उसके साथ अमृतपाल ने दुष्कर्म किया। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने बताया कि उसका पिता कौर सिंह जो एक बस ड्राइवर है व माता संदीप कौर घरेलू महिला है, को साथ लेकर वह थाने गई और वहां महिला थानेदार गुरप्रीत कौर को सारी दास्तान सुनाई। थाना कोटफत्ता पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। सूबतों व गवाहों के आधार पर बुधवार को न्यायधीश बलजिंदर कौर ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी अमृतपाल सिंह को दुष्कर्म मामले में 20 वर्ष की सजा के साथ अन्य धाराओं के मामले में 3 लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। अपने फैसले में न्यायाधीश ने लिखा कि चूंकि साबित हुआ कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ है, जिसके तहत सरकारी वकील की जिरह के बाद फैसला सुनाया गया। फसले के तुरंत बाद दोषी को पुलिस ने अदालत परिसर से हिरासत में लिया।
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