एनआरआई को ब्याही दूसरी बेटी पंखे से लटकी मिली
पहली बेटी का शव बेल्जियम में नहर से मिला था, पति, जेठ, जेठानी समेत 4 पर केस
अमर उजाला ब्यूरो
जगरांव (लुधियाना)। पहली बेटी के मौत के बाद दूसरी बेटी का शव एनआरआई दामाद के साथ शादी के दो महीने बाद ही उसके ससुराल घर में पंखे के साथ लटकता मिला। मृतका के परिवार ने बेटी को मारने के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। थाना सिधवां बेट पुलिस ने एनआरआई पति, जेठ, जेठानी और एक रिश्तेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शिमलापुरी निवासी मंगत सिंह की बेटी मंदीप कौर की शादी 2017 में तलवंडी कलां के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह के साथ हुई थी। धर्मेंद्र बेल्जियम में रहता था। शादी के बाद मंदीप कौर भी बेल्जियम चली गई। कुछ समय बाद उसका शव बेल्जियम की नहर में से मिला। इस घटना का कुछ पता न लगा तो दामाद के परिवार के कहने पर मंगत सिंह ने अपनी दूसरी बेटी रुपिंदर कौर की शादी 25 नवंबर 2018 में धर्मेंद्र सिंह के साथ कर दी। शादी के बाद बीती एक जनवरी को धर्मेंद्र बेल्जियम चला गया। शनिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे बेल्जियम से धर्मेंद्र सिंह ने अपनी सास हरदीप कौर को फोन किया कि रुपिंदर ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया है और वह खोल नहीं रही।
इस पर पूरा परिवार शाम तक तलवंडी कलां गांव पहुंच गया। वहां रुपिंदर कौर का शव पंखे के साथ लटक रहा था। जिसे देख मायका परिवार भड़क गया। परिवार ने रुपिंदर की हत्या कर शव टांगने के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मुल्लापुर के डीएसपी हरकमल कौर, थाना सिधवां बेट के एसएचओ रशमिंदर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित परिवार को शांत कर शव कब्जे में ले लिया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि उनके दामाद ने पहली बेटी की भी बेल्जियम में हत्या की है और अब उसी के इशारे पर परिवार ने दूसरी बेटी की हत्या की है। थाना सिधवां बेट के इंस्पेक्टर रशमिंदर सिंह ने कहा कि मृतका की मां हरदीप कौर के बयान पर एनआरआई पति धर्मेंद्र सिंह, जेठ गुरसेवक सिंह, उसकी पत्नी मोना और रिश्तेदार सुरिंदर पाल सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गिरफ्तारी तक नहीं किया जाएगा संस्कार: पिता
मृतका के पिता मंगत सिंह ने कहा कि इस घटना में जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता वह अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इस घटना में चाहे पुलिस ने उनकी बनती मदद की है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी तक वह संस्कार नहीं करेंगे।