फंदा लगाने से हुई थी नाबालिग की मौत
पुलिस इंस्पेक्टर के घर मरी मिली रोशनी की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर वरुणजीत सिंह की कोठी में संदिग्ध हालात में मरी नाबालिग रोशनी की मौत फंदा लगाने के कारण हुई थी। इस बात का खुलासा शुक्रवार को हुए पोस्टमार्टम में हुआ। तीन डाक्टरों की टीम ने रोशनी के शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ. अमनप्रीत सिंह, डॉ. भारती और डॉ. मालविंदर माला की टीम ने पोस्टमार्टम के दौरान रोशनी के स्वैब और विसरा जांच के लिए लैब भेज दिया है। पुलिस विसरा और स्वैब की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उधर, पुलिस पर पथराव करने वाले पत्थरबाजों के खिलाफ थाना पीएयू की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की पहचान में जुट गई है।
सिविल अस्पताल में शुक्रवार की सुबह रोशनी के परिजन और सगे संबंधी पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद डाक्टरों ने शव परिजनों के हवाले किया तो पुलिस के पहरे में ही शव घर पहुंचा और वहां से अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि रोशनी की मौत फंदा लगाकर ही किए जाने के कारण हुई है। डाक्टरों ने इस बात का खुलासा भी कर दिया है। अब पुलिस स्वैब और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
उधर, थाना पीएयू के एसएचओ इंस्पेक्टर बृज मोहन ने कहा कि रोशनी की मौत फंदा लगाए जाने के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पत्थर मारने वालों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इंस्पेक्टर वरुणजीत की कोठी में पहली मंजिल पर रहने वाले उनके साले गुरिंदर सिंह के घर रोशनी पिछले ढाई साल से काम कर रही थी। दो दिन पहले उसने संदिग्ध हालात में आत्महत्या कर ली। परिजनों ने वीरवार की सुबह उनके घर के बाहर प्रदर्शन कर आरोप लगाया था कि रोशनी की दुराचार के बाद हत्या की गई है और शव लटक कर उसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के पथराव में थाना डिविजन पांच के एसएचओ इंस्पेक्टर विनोद घायल हो गए थे।