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मनी एक्सचेंजर लूट का मामला सुलझा

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लड़की का दोस्त निकला लुटेरा, दो गिरफ्तार
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बहन के पास विदेश जाना चाहता था आरोपी, इसलिए की वारदात
मनी एक्सचेंजर लूट के मामले में 3.80 लाख बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
नूरवाला रोड स्थित मनी एक्सचेंजर की दुकान से 4.05 लाख की लूट का मामला पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा लिया है। लूट का आरोपी युवक कोई और नहीं, बल्कि लड़की का दोस्त था। आरोपी ने वारदात के बाद लूट के पैसे छिपाने के लिए दोस्त को दे दिए और खुद रिलेक्स होने के लिए माल में फिल्म देखने चला गया। अब पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू और उसकी मदद करने वाले दर्शित को काबू कर लिया है। आरोपियों से पुलिस को 3.80 लाख रुपये बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपी पुलिस रिमांड पर है। उनसे पूछताछ कर लड़की की भूमिका के बारे में जांच की जा रही है।
एडीसीपी राजवीर सिंह ने बताया कि जब लड़की से गहनता से पूछताछ की गई तो सामने आया कि सुबह उसे एक युवक का फोन आया था। जिसने उससे पूछा था कि उसकी बहन ने विदेश से पैसे भेजे हैं या नहीं। उसके बाद वह युवक नहीं आया। लड़की से युवक का एड्रेस पता कर पुलिस ने सोनू को उठा लिया। फिर पूछताछ में सारी कहानी सामने आ गई।
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दरअसल, कैलाश नगर का रहने वाला सोनू कोई काम नहीं करता है। दुबई में बैठी उसकी बहन उसे हर महीने 15 हजार रुपये भेजती है। जिस कारण कालड़ा ट्रैवल्स पर उसका आना-जाना रहता है। इस दौरान उसकी दोस्ती दुकान में काम करने वाली लड़की से हो गई थी। दोनों अक्सर मोबाइल पर चैटिंग करते और आपस में बातें भी करते थे।
पुलिस का कहना है कि घटना के दिन सोनू ने लड़की को कॉल की कि उसके पैसे आए या नहीं। तब उस दौरान लड़की ने उसे कहा कि उसे पता नहीं दुकान मालिक बाहर गया हुआ है। कैश आया तो है, मगर किस-किस का है उसे पता नहीं। उसने लड़के को मालिक के आने के बाद दुकान पर आने को कहा। इस बात से लड़के को अंदाजा हो गया कि दुकान में कैश है, और लड़की भी अकेली है। इसलिए उसने लूट की प्लानिंग की। पहले उसने अपने दोस्त दर्शित से एक्टिवा ली और बाद में लूट की रकम में हिस्से का लालच देकर उसे छिपाने के लिए दी। दर्शित ने लूट की रकम, जिस फैक्टरी में काम करता था, वहीं पर छिपा दी। लेकिन, जब बात का खुलासा हुआ तो पुलिस ने दोनों आरोपियों समेत 3.80 लाख रुपये बरामद कर लिए। पुलिस का कहना है कि बाकी रकम का आरोपियों ने क्या किया, इस बात की जांच की जा रही है।
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एडीसीपी राजवीर सिंह ने बताया कि सोनू खुद कुछ भी नहीं करता था। वह बहन के भेजे पैसों से घर का गुजारा चलाता था। इसलिए वह भी अपनी बहन के पास दुबई जाना चाहता था। लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। इसीलिए उसने लूट की योजना बनाई, ताकि लूट के पैसों से वह विदेश जा सके।
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