जूतों की चोरी बनी पुलिस की कमाई का जरिया
चोरों से जूते खरीदने वालों से पैसे लेकर मामले में क्लीन चिट देने के आरोप
एंटी करप्शन बोर्ड के जिला इंचार्ज ने डीजीपी को दी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। चौड़ी फुटी गली में से होलसेल जूतों के शोरूम से हुई 70 लाख की चोरी के मामले में पुलिस विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस आरोपियों से माल की बरामदगी तो नहीं करवा सकी, लेकिन उनकी निशानदेही पर जिन छोटे दुकानदारों व रेहड़ीवालों ने बूट खरीदे थे, उनको उठा लिया गया। आरोप है कि एक-एक से सौदा कर पुलिस उन्हें क्लीन चिट देती गई। शिकायत मिलने पर जांच एक अन्य अधिकारी को सौंपी गई, लेकिन वह भी पहली टीम के नक्शेकदमों पर चल पड़े। इसके बाद इन अधिकारियों की शिकायत एंटी करप्शन बोर्ड के जिला इंचार्ज निशिकांत ने डीजीपी को की। जिला पुलिस मुखी हरजीत सिंह ने कहा कि जांच अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार चौड़ी फुटी गली स्थित जीवन शोरूम से करीब दो साल से कुछ मुलाजिम जूतों की चोरी कर रहे थे। मामले का खुलासा करीब डेढ़ महीने पहले हुआ। जांच में पता चला कि चोरी किए जूतों की कीमत करीब 70 लाख रुपये बनती है। इसके बाद पुलिस ने शोरूम के मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों ने जिन लोगों को जूते बेचे थे, उनसे लेन देन के आरोप में जांच अधिकारियों डीएसपी और थाना प्रभारी को बदल दिया गया। इसके बाद एसएसपी हरजीत सिंह ने जांच इंटेरोगेशन सेल के एक अधिकारी को सौंपी। इस अधिकारी ने भी बूट खरीदने वाले उन लोगों को दोबारा बुलाना शुरू कर दिया, जो पुलिस से पहले लेनदेन कर क्लीन चिट ले चुके थे। पीड़ितों ने आवाज उठाई तो एंटी करप्शन बोर्ड के जिला इंचार्ज निशिकांत ने डीजीपी को मामले की शिकायत दी।
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अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी। अगर जांच अफसरों पर लगे आरोप सिद्ध हो गए तो जांच अधिकारी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चोरी के आरोपियों और चोरी का माल खरीदने वालों को भी कानूनी दायरे में लिया जाएगा।
- हरजीत सिंह, एसएसपी, बरनाला