संत पर केस, रोष में हिंदू संगठनों ने घेरा थाना
एक घंटे चला प्रदर्शन, एसीपी ने मौके पर पहुंच कर आरोपी पर कार्रवाई का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। शिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले संत पर मारपीट का झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगा हिंदू संगठनों ने थाना हैबोवाल का घेराव किया। संगठनों का आरोप था कि पुलिस ने फर्जी पत्रकार की शिकायत पर संत अशोक कालीदास पर के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है। करीब एक घंटे बाद एसीपी वेस्ट समीर वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह मामले की जांच करेंगे।
सोहम कालीदास ने बताया कि जस्सियां रोड़ पर श्री काली निवास सत्संग भवन है। वहां अशोक कालीदास महाराज सनातन धर्म का प्रचार और प्रसार करते है। उनके पड़ोस में एक फर्जी पत्रकार है। चार दिनों पहले उसने गली में लगे महाशिवरात्रि के पोस्टर फाड़ने की कोशिश की, जब उसे एक 15 साल के युवक ने रोकना चाहा तो उसके साथ मारपीट की। जब यह बात बाकी के सेवादारों को पता चली तो वह फर्जी पत्रकार को समझाने के लिए गए। इस पर उसने अपने साथियों के साथ उन पर हमला कर दिया था। उसने संत कालीदास को अपशब्द कहे। इसके बाद सेवादारों ने पुलिस को शिकायत दी। फर्जी पत्रकार ने उल्टा खुद को चोट पहुंचाकर पुलिस को झूठी शिकायत दे दी।
सोहन का कहना है कि सदगुरु अशोक कालीदास जी महाराज का इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। फिर भी पुलिस ने उक्त फर्जी पत्रकार के दबाव में संत पर मारपीट का झूठा केस दर्ज कर दिया। जबकि सेवादारों की तरफ से दी गई शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया। थाना हैबोवाल के एसएचओ इंस्पेक्टर नवदीप सिंह ने बताया कि शुक्रवार को एक व्यक्ति की शिकायत पर मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। उसने शिकायत में एक संत का नाम भी लिखवाया था। समर्थकों का कहना है कि संत को केस में झूठा फंसाया गया है। इस पर दूसरे पक्ष की महिलाओं के बयान ले लिए है। अब दोनों पक्षों पर जांच के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।