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कार्रविई कर लौट रही बिल्डिंग इंस्पेक्टर को क्लोनाइजर ने मारे थप्पड़, कपड़े फाड़े

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कार्रवाई कर लौट रही बिल्डिंग इंस्पेक्टर को कालोनाइजर ने मारे थप्पड़, कपड़े फाड़े
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महिला इंस्पेक्टर की कार को तीन बार टक्कर मार किया पलटाने का प्रयास
पुलिस ने कालोनाइजर सहित 8 लोगों पर दर्ज किया इरादन हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। ताजपुर रोड स्थित राजन एस्टेट में अवैध इमारत निर्माण गिरा वापस लौट रही महिला बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर भड़के कालोनाइजर ने हमला कर दिया। महिला अधिकारी की कार को टक्कर मार पलटाने की कोशिश की, गाड़ी रुकते ही महिला अधिकारी को बाहर निकाल सरेआम थप्पड़ मारे और गालियां देते कपड़े फाड़ दिए। वारदात के बाद आरोपी कालोनाइजर फरार हो गया। जानकारी मिलते निगम मुलाजिम मौके पर पहुंचे। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन कोई गिरफ्तार नहीं है। वीरवार को म्यूनिसिपल कर्मचारी संघर्ष कमेटी की अगुवाई सभी निगम मुलाजिम जोन डी में धरने पर बैठ गए। उनकी दो मांगें है, पहली आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। दूसरी मांग निगम के पास जितने भी पुलिस मुलाजिम हैं, उन्हें वापस भेजा जाए। क्योंकि वह अपने मुलाजिमों की हिफाजत करने में नाकाम है।
गौर हो कि ताजपुर रोड पर राजन एस्टेट के नाम से एक अवैध कालोनी काटी गई है। निगम की तरफ से पहले दो बार कार्रवाई की गई। कालोनाइजर ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया। बुधवार को एटीपी राजकुमार और बिल्डिंग इंस्पेक्टर कशिश गर्ग मौके पर कार्रवाई करने गए। वहां पर अवैध निर्माण को गिरा जब वापस लौट रहे थे कि कालोनाइजर गुरनाम सिंह ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। दो बार उनकी कार को पीछे से टक्कर मारी। जैसे उन्होंने कार को एक साइड रोका, आरोपी गुरनाम सिंह बाहर निकला। कार में बैठी कशिश गर्ग को कपड़े से पकड़ बाहर निकाल लिया और थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। जैसे इसकी जानकारी पुलिस और निगम अधिकारियों को दी। आरोपी मौके से फरार हो गया।
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उधर थाना टिब्बा प्रभारी परमजीत सिंह का कहना है कि महिला अधिकारी की शिकायत पर भाई रणधीर सिंह निवासी कालोनाइजर गुरनाम सिंह सहित 8 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 353, 354-बी, 427, 506 और 149 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापा मार रही है।
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दो बार पहले भी हो चुके हैं मामले
बता दें कि अवैध इमारतों पर कार्रवाई के समय मारपीट का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जोन सी में तैनात एटीपी हनी पर बिल्डिंग सिलिंग के दौरान हमला किया गया था। इसमें भी कुछ राजनेताओं के गुर्गे शामिल थे। यह मामला भी ठप होकर रह गया था। इसके बाद ऋषि नगर में एक बिल्डिंग पर कार्रवाई के दौरान निगम अफसरों और राजनीतिक लोगों से विवाद हुआ था। यह मामला भी शांत होकर रह गया था।
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