इंस्पेक्टर राजीनामा करने के लिए बना रहा दवाब
पिटाई के मामले में ड्राइवर ने चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर दी शिकायत
इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। बठिंडा के सीआईए स्टाफ टू के पुलिस कर्मियों की पिटाई के शिकार हुए पीआरटीसी ड्राइवर कुलविंदर सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर पिटाई करने वाले लोकल रैंक प्राप्त इंस्पेक्टर तरजिंदर सिंह को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। इसके अलावा पीड़ित ने पत्र में आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर उस पर राजीनामे के लिए दबाव बना रहा है। पीड़ित ड्राइवर ने चीफ जस्टिस के अलावा मुख्यमंत्री पंजाब, डीजीपी पंजाब को भी पत्र भेजकर अवगत कराया है कि पुलिस इंस्पेक्टर तरजिंदर सिंह को बचाने के लिए उस पर किसी समय भी झूठा केस दर्ज कर सकती और पुलिस ऐसे हथकंडे अपना कर दबाव बनाकर इंस्पेक्टर के साथ उसका राजीनामा कराने के लिए उसे मजबूर कर सकती है। पीड़ित ने भेजे पत्र में कहा है कि चाहे पुलिस ने अदालती आदेशों पर इंस्पेक्टर व डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन जिला पुलिस अधिकारी जांच के नाम पर इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी को अटका रहे हैं। पीड़ित ने पत्र में कहा है कि अगर उसका कोई जान या माल का नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी इंस्पेक्टर तरजिंदर सिंह की होगी। वहीं इस जब इंस्पेक्टर सीआईए स्टाफ टू तरजिंदर सिंह से पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर लगातार दो बार संपर्क किया गया तो घंटी बजने के बावजूद इंस्पेक्टर ने फोन नहीं उठाया। इस संबंध में थाना सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर रछपाल सिंह का कहना था कि अभी मामले की जांच डीएसपी कर रहे हैं। जांच के बाद ही पता चलेगा कि ड्राइवर की ओर से लगाए आरोप सच्चे हैं या झूठे, जांच पूरी होने से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता है।
बता दें कि 24 जून को जिले के गांव दौलतपुरा में शराब ठेकेदार के कारिंदों के साथ मिलकर गांव में छापामरी करने पहुंची पंजाब पुलिस की टीम के साथ गांव वालों की झड़प हो गई थी। जिसकी वीडियो पीआरटीसी के ड्राइवर ने अपने मोबाइल में बना ली। वीडियो बनाने पर पुलिस ड्राइवर के साथ उलझ गई। लेकिन 25 जून को ड्राइवर कुलविंदर सिंह को थाना बालियांवाली पुलिस ने घर से उठा लिया और गांव वालों व पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले मेें ड्राइवर को नामजद कर लिया। इसके बाद 26 जून को जब पुलिस ने अदालत में पेश किया तो अदालत ने पुलिस को 27 जून को ड्राइवर कुलविंदर सिंह को फिर से अदालत में पेश करने को कहा था। जब 27 जून को पुलिस ने कुलविंदर सिंह को अदालत में पेश किया तो ड्राइवर ने अदालत के सामने हुई मारपीट के बारे में बताया। जिसके बाद कोर्ट ने पीड़ित का फिर से मेडिकल कराया और मेडिकल के रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन एसएसपी नवीन सिंगला को इंस्पेक्टर व डॉक्टर पर केस दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के आदेशों पर पुलिस ने इंस्पेक्टर व डाक्टर पर केस दर्ज कर लिया था।