लुधियाना में पुलिस चौकी के पास दिनदहाड़े डाका
एक सप्ताह पहले रखे नौकर ने चार साथियों संग धागा मिल मालिक की पत्नी को बंधक बना की लूटपाट
डीजीपी दफ्तर से आया फोन तो पुलिस में मचा हड़कंप, घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
करीब एक सप्ताह पहले रखे गए नौकर ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर मंगलवार को दिनदहाड़े धागा व्यापारी के घर में डाका डाला।
बदमाशों ने व्यापारी की पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट की। करीब एक घंटे तक घर में तांडव मचाने के बाद बदमाश फरार हो गए। बंधक महिला ने किसी तरह से खुद को खोला और कंट्रोल रूम को जानकारी दी। जब पुलिस नहीं पहुंची तो व्यापारी ने इसकी सूचना डीजीपी को दी। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर को फोन किया तो लुधियाना पुलिस में हड़कंप मच गया। इसके बाद डीसीपी क्राइम गगन अजीत सिंह, एडीसीपी 2 संदीप शर्मा, एसीपी आत्म नगर नवीन कुमार और थाना माडल टाऊन पुलिस के साथ चौकी आत्म नगर की पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने कोठी से महिला के हाथ पैर बांधने में इस्तेमाल किए कपड़े और अन्य सामान कब्जे में ले लिया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात नौकर और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कामधेनू कॉटन स्पीनिंग मिल्स के मालिक ओमप्रकाश (65) ने बताया कि उनकी कोहाड़ा रोड पर फैक्टरी है। वह आत्म नगर इलाके में परिवार के साथ रहते है। उनका बेटा मानव अपनी पत्नी और बेटे के साथ जयपुर किसी काम से गया है। उनकी पत्नी स्नेहलता घर में अकेली थी। उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले ही उन्होंने नया नौकर रखा था। वह खुद का नाम राजेश बताता था। उसे रहने के लिए कोठी के पीछे बने गैराज के ऊपर बना कमरा दिया था। स्नेहलता का कहना है कि सोमवार को करीब 12 बजे पति ओम प्रकाश फैक्टरी के लिए निकल गए। उसके बाद वह कमरों को लॉक लगाकर खुद ऊपर कमरे में चली गई।
इस बीच नौकर राजेश किसी से मोबाइल पर बात कर रहा था. जबकि उसने कहा था कि उसके पास मोबाइल नहीं है। उसके कुछ ही समय बाद ऊपर कमरे में चार लोग आ गए। जब तक वह कुछ समझ पाती एक व्यक्ति ने उसके मुंह पर हाथ रख लिया। इस दौरान उसका नौकर भी आया, उसने बाकी साथियों से कहा कि इसके हाथ-पैर और मुंह बांध द। उसके बाद नौकर राजेश ही कुछ कपड़े लेकर आया और उसके साथियों ने उसका मुंह और हाथ-पैर बांध दिए। स्नेह लता का कहना है कि सभी आरोपियों के पास सब्बल और अन्य हथियार थे। उसके बाद नौकर के बताने के बाद उसके साथियों ने स्वेटर की जेब से अलमारियों की चाबियां निकाली और नीचे चले गए। एक व्यक्ति उसके पास खड़ा रहा और बाकी नौकर के साथ नीचे कमरों में पड़ी अलमारियों से कैश व नकदी लेने चले गए।
एक घंटे तक लुटेरों ने कोठी में मचाया लूट का तांडव
स्नेह लता का कहना है कि उसे बंधक बनाने के बाद लुटेरों ने एक घंटे तक कोठी में तांडव मचाया। ऊपर से लेकर नीचे तक जितनी भी अलमारियां थीं, लुटेरों ने सब छान मारी। नौकर ने आठ दिनों में घर की हर एक चीज का पता लगा लिया था। उसने घर की वह कोई जगह नहीं छोड़ी, जहां कीमती सामान था। बदमाशों ने अलमारियों के दरवाजे तक तोड़ डाले और कैश व गहने चुरा लिए। एक घंटे बाद नौकर ऊपर आया। उसने पांचवें साथी को कहा कि काम हो गया, अब चलो। जाते हुए उसने और उसके साथी ने धमकाया कि अगर उसने शोर मचाया तो उसे मार डालेंगे। जांच के दौरान पुलिस को कोठी के आसपास इलाकों की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली ह, जिससे पता चला कि पांचों कोठी से बाहर निकलते ही अलग-अलग दिशा में चले गए थे। उसके बाद सभी आत्म नगर पब्लिक स्कूल के नजदीक एक पार्क के पास इकट्ठा हुए। उन सभी के पास छोटे-छोटे पिट्ठू बैग थे, जिसमें उन्होंने लूट का सामान रखा हुआ था।
मांगने के बाद भी नहीं दे रहा था नौकर कोई दस्तावेज
ओमप्रकाश का कहना है कि नौकर आठ दिनों पहले ही रखा था। उन्हे पुलिस वेरिफिकेशन करानी थी, इसलिए उन्होने उससे आईडी और फोटो मांगी थी। वह आठ दिनों से लगातार झूठ बोल कर उन्हें टरकाता रहा। आखिर वह वारदात कर निकल गया। उसने कहा था कि उसके पास कोई मोबाइल नहीं है, लेकिन, उसके पास मोबाइल था। ओमप्रकाश का कहना है कि उनका पुराना नौकर कुछ समय पहले अपने गांव चला गया था। उनके पास कोई नौकर नहीं था। इस बीच टैगोर नगर के एक माली ने उन्हें राजेश से मिलया था और काम करने के लिए घर पर भेज दिया। वह बार-बार उससे आईडी प्रूफ मांग रहे थे। वह देने को तैयार नहीं था। हर बार वह टाल देता था। पुलिस ने उस माली को हिरासत में लिया है, जिनसे राजेश को रखवाया था। पुलिस उससे पूछताछ कर उसके गांव तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
डकैती के बजाए पुलिस ने लूट में दर्ज किया मामला
एसीपी आत्म नगर नवीन कुमार का कहना है कि कैश और गहने कितने थे, अभी शिकायतकर्ता ने इसकी डिटेल नहीं दी है। नौकर राजेश और उसके चार अज्ञात साथियों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इलाके में आसपास सीसीटीवी फुटेज मिली है। उसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जब उनसे पूछा गया गया कि पुलिस ने लूट की धारा 392 के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि बदमाशों की संख्या चार से अधिक होने पर केस डकैती की धारा 394 में दर्ज करना चाहिए, इस पर एसीपी का कहना है पीड़िता स्नेहलता ने पहले बयान दिया था कि नौकर समेत चार लोगों ने वारदात की है। बाद में पांच लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। सीसीटीवी फुटेज में पांच बदमाश दिखाई दे रहे हैं। इस पर उन्होंने मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही।