गैंगस्टर गुगनी जेल से रच रहा हत्याओं की साजिश
कांग्रेस सरपंच रवि ख्वाजके की हत्या जेल में बैठकर करवाई थी
पुलिस ला चुकी है प्रोडक्शन वारंट पर, साथी हथियारों के साथ हो चुके हैं गिरफ्तार
विकास मल्होत्रा
लुधियाना।
जेल में बंद महानगर के प्रमुख गैंगस्टर धर्मेंद्र सिंह उर्फ गुगनी गरेवाल पर पुलिस ने आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा, रविंदर गोसाई, हिंदु नेता अमित शर्मा और पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या के मामले में साजिश रचने और हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को हथियार मुहैया कराने के आरोप में नामजद किया है। इससे पहले गैंगस्टर गुगनी गरेवाल कांग्रेसी सरपंच रवि ख्वाजके की हत्या की साजिश भी जेल में ही रच चुका है। उसने गैंगस्टर दविंदर बंबिहा के साथ मिलकर रवि की हत्या की साजिश रची थी। हैरानी की बात यह है कि गैंगस्टर गुगनी गरेवालकरीब पांच साल से जेल में बंद है और वह पुलिस के कड़े पहरे में है। फिर भी वह जेल में पुलिस के साए में बैठकर जेल से ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। साफ है कि उस पर नकेल डालने में पुलिस तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है।
सख्ती से होती पूछताछ तो बच सकती थी रविंदर गोसाई की जान
पुलिस गैंगस्टर गुगनी को प्रोडक्शन वारंट पर कई बार ला चुकी थी, लेकिन पुलिस किसी भी मामले को हल करने में कामयाब नहीं हो सकी। पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या के बाद पुलिस ने मेहरबान इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया था। पुलिस ने सर्च के दौरान हर घर की तलाशी ली थी। इस दौरान पुलिस को काफी क्लू मिले थे। उसके बाद पुलिस गैंगस्टर गुगनी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई, लेकिन पुलिस ने उस समय यह कह दिया था कि उसे किसी और केस में पूछताछ के लिए लाया गया है। उसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर गुगनी के कुछ साथियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पुलिस फिर से गुगनी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की थी, लेकिन पुलिस के हाथ कोई क्लू नहीं लगा था। जिस समय पुलिस गैंगस्टर गुगनी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई, उस समय सख्ती से पूछताछ होती तो जगदीश गगनेजा, हिंदू नेता अमित शर्मा और पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या के मामले में पर्दा उठ सकता था और आरएसएस नेता रविंदर गोसाई की जान बच सकती थी।
हत्या से शुरू हुआ गुगनी का आपराधिक जीवन
2011 में कोहाड़ा के एक मैरिज पैलेस में गैंगस्टर गुगनी और कांग्रेस सरपंच रवि ख्वाजके के भाई संदीप गरेवाल से मारपीट हुई थी। इस दौरान सड़क पर दोनों गुट आमने सामने हुए। इस वारदात में दोनों गुटों ने एक दूसरे पर गोलियां बरसाई। जिसमें सुरिंदर सिंह संगोवालिया और संदीप गरेवाल को गोलियां लगी थीं। संगोवालिया की मौत हो गई थी, जबकि संदीप बच गया था। फिर पुलिस ने आरोपी गुगनी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद गैंगस्टर काला हवास की हत्या संदीप गरेवाल ने कर दी। काला हवास की हत्या मामले में गैंगस्टर संदीप गरेवाल का भाई रवि ख्वाजके पुलिस जांच में बाहर आ गया। जबकि गैंगस्टर संदीप अभी फरार है। उसके बाद गैंगस्टर गुगनी ने जेल में बैठे ही रवि ख्वाजके की हत्या की साजिश रची और एक मार्च 2016 को एक मैरिज पैलेस में रवि ख्वाजके को गैंगस्टर दविंदर बंबिहा ने गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद पुलिस ने गुगनी को भी नामजद किया था। इसके बाद भी वह जेल में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता रहा।
कोट
यह मामला उच्च अधिकारियों के पास है। वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते। बाकी आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी।
आरएन ढोके, पुलिस कमिश्नर।