लुधियाना। महानगर की प्रतिष्ठित कार एजेंसी स्वानी मोटर्स के मालिकों ने प्रापर्टी की एवज में प्रसिद्ध साइकिल निर्माता कंपनी एवन से साढ़े दस करोड़ रुपये लोन ले लिया। लोन वापस न करने की एवज में प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाकर देनी थी। आरोपियों ने न तो पैसे वापस किए और न ही रजिस्ट्री करवाई। इतना ही नहीं स्वानी मोटर्स के मालिकों ने अपनी नाबालिग बेटी के हिस्से की प्रापर्टी को भी बेचने की कोशिश की। जिसके बारे में बच्ची के नाना को पता चला तो उन्होंने सारी जानकारी जुटाई। रजिस्ट्री न होने पर एवन साइकिल के मालिक ओंकार सिंह पाहवा ने इसकी शिकायत पुलिस के आलाधिकारियों के पास की। पुलिस जांच के बाद स्वानी मोटर्स के मालिक गगनदीप सिंह और उनकी मां सुखराज कौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
ओंकार सिंह पाहवा ने स्वानी मोटर्स वालों की नाबालिग बच्ची साना स्वानी के नाना विक्रमजीत सिंह के साथ प्रेस कांफ्रेंस के दौरान
बताया कि गगनदीप सिंह ने कारोबार संबंधी 2015 से लेकर 2018 तक उनकी कंपनी एवन साइकिल से पांच करोड़ तक का लोन ले लिया। 2018 में गगनदीप सिंह के भाई तरदीप सिंह और उनकी पत्नी गुरमला कौर की मौत हो गई। इसके बाद गगनदीप सिंह और उसकी मां सुखराज ने एवन साइकिल से और लोन ले लिया। अक्तूबर 2018 के बाद गगनदीप की साढ़े दस करोड़ रुपये देनदारी हो गई। इसकी एवज में आरोपियों ने अपनी और नाबालिग बच्ची साना की तरफ से लोन एग्रीमेंट और डीड ऑफ परसन गारंटी लिखकर दे दी। आरोपियों ने स्टांप भी अपनी एजेंसी के नीचे दुकान चलाने वाले से लिए। इजसमें तीनों ने गुरदेव नगर स्थित अपनी 1130 गज की अपनी प्रापर्टी का इकरारनामा सौदा कर लिया और तय किया गया कि अगर 31 मार्च तक वह लोन की रकम वापस नहीं देते तो उसकी रजिस्ट्री करवा कर देंगे।
गगनदीप और सुखराज ने एग्रीमेंट तो साइन कर दिए, लेकिन वह 1130 गज के पूरे मालिक नहीं थे। इस जगह में से उनकी पौत्री साना स्वानी 188 गज की मालिक थी। आरोपियों ने साना की प्रापर्टी को बेचने के लिए अदालत से कोई अनुमति भी नहीं ली। इसके बाद जब साना के नाना को पता चला तो विक्रमजीत सिंह ने सुखराज और गगनदीप सिंह से उसके हिस्से की बनती रकम मांगने लगे। एवन साइकिल की तरफ से दोनों के हिस्से की जगह 941 गज को साढ़े दस करोड़ रुपये में खरीद करना मान लिया और 26 मार्च को गगनदीप और सुखराज ने फुल एंड फाइनल एग्रीमेंट कर लिया और साना स्वानी के नाम की जगह को दो करोड़ दस लाख में लेना तय कर लिया। गगनदीप और सुखराज कौर ने चार अप्रैल को रजिस्ट्री करवाना का झांसा देकर बाद में फोन सुनना ही बंद कर दिया और मैसेज करनेलगे। आरोपियों ने उनसे कोई बात नहीं की। पैसे हड़पने की नीयत से आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं करवाई जिसके बाद एवन साइकिल के मालिक ओंकार सिंह पाहवा ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर मामला दर्ज किया।