सुसाइड नोट में कांग्रेस नेता और थाना मुंशी का नाम लिख दी जान
रिश्वत दिलाने के बावजूद पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
मृतक के नाम पर लोन पर बाइक लेकर आगे बेच दी थी, फाइनांस कंपनी कर रही थी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। राजोआणा कलां के 43 वर्षीय बैंड मास्टर राम प्रकाश सिंह ने जहर पीकर आत्म हत्या कर ली। मृतक के घर से चार पेज के सुसाइड नोट में राम प्रकाश सिंह ने अपनी मौत के लिए तहसील रायकोट कांग्रेस दलित विंग के प्रधान परमजीत सिंह टूसे, थाना सुधार के मुख्य मुंशी गुरप्रीत सिंह सहित सात लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। थाना सुधार में कांग्रेस प्रधान परमजीत सिंह टूसे, थाना सुधार का मुख्य मुंशी गुरप्रीत सिंह, सरबजीत सिंह निवासी हलवारा, केवल सिंह निवासी जलालदीवाल, सिकंदर सिंह निवासी रुड़का, बिल्लू सिंह निवासी हलवारा, जसवीर कौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी रंधीर सिंह ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए छापामारी की जा रही है। मुख्य मुंशी गुरप्रीत सिंह थाना छोड़ कर फरार है। मामला मृतक राम प्रकाश सिंह की पत्नी कमलजीत कौर के बयान पर दर्ज किया गया है। पुलिस को दिए बयान में कमलजीत कौर ने बताया कि वह कपड़े धो रही थी और उसके बच्चे बाहर खेल रहे थे। इस दौरान उसका पति राम प्रकाश घर के अंदर दाखिल हुआ और कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद वह चीखते चिल्लाते हुए बाहर निकला और उसने बताया कि उसने जहर पी लिया है। उसे तुरंत सिविल अस्पताल सुधार ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। कमलजीत कौर ने अनुसार हलवारा के सरबजीत सिंह ने उसके पति के नाम पर एक मोटरसाइकिल लोन पर लिया था। जिसे उसने किश्तें चुकाए बिना आगे बेच दिया। इसी कारण रायकोट स्थित फाइनांस कंपनी के लोग उसके पति को परेशान करने लगे। इस संबंध में उसके पति राम प्रकाश सिंह ने थाना सुधार में 13 जून को लिखित शिकायत दी थी। कांग्रेस नेता परमजीत सिंह टूसे ने बतौर रिश्वत चार हजार रुपये मुंशी गुरप्रीत सिंह को दिलवा दिए। इसके बावजूद मुंशी ने किसी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान फाइनांस कंपनी ने उसके पति के खिलाफ अदालत से नोटिस जारी करवा दिए। लगातार फाइनांस कंपनी द्वारा परेशान किए जाने एवं सरबजीत सिंह हलवारा, जिसने मोटर साइकिल आगे बेचा था, उसके द्वारा मानसिक प्रताड़ित किए जाने से राम प्रकाश सिंह बेहद परेशान रहने लगा था। इसी वजह से उसने जहर पीकर आत्म हत्या कर ली।
सुसाइड नोट में राम प्रकाश सिंह ने लिखा है कि भविष्य में परेशान होकर अगर उसके किसी भी परिजन ने आत्महत्या की तो इसकी जिम्मेदारी सीध कांग्रेस के स्थानीय लीडरों पर होगी। उल्लेखनीय है कि दलित नेता परमजीत सिंह टूसे कांग्रेस के उपाध्यक्ष, डा. अमर सिंह का खासमखास है। इस संबंध में जब डाक्टर अमर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर पुलिस जांच में परमजीत सिंह टूसे आरोपी पाया जाता है तो उसके खिलाफ पार्टी स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।