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रमनदीप के लैपटॉप का पता लगाने के लिए जुटी पुलिस

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दोस्तों को फोन कर पूछताछ कर रही है मोगा पुलिस
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रमनदीप के भाई गुरसेवक को शनिवार रात किया गया रिहा
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
प्रदेश में दस माह में हिंदू नेताओं समेत चार टारगेट हत्याओं के मामले में मोगा पुलिस ने गांव चूहड़वाल में दबिश दी है। उन्होंने गांव चूहड़वाल के रमनदीप सिंह उर्फ रमन कैनेडियन के घर के आसपास रहने वालों और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस रमनदीप सिंह उर्फ रमन कैनेडियन के लैपटॉप की तलाश में जुटी हुई है ताकि पुलिस को सारी अहम जानकारियां मिल सकें।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रमन के लैपटॉप में विदेशों में बैठे उसके आकाओं के बारे में पूरी जानकारी है जिससे पता चल सकता है कि रमन की विदेश में किन-किन लोगों से बात होती थी। उनका आगे का प्लान क्या है। पुलिस के मुताबिक रमन अभी लैपटॉप के बारे में कोई जानकारी पुलिस को नहीं दे रहा है। पुलिस ने उससे बरामद उसके आईफोन को पूरी तरह से खंगाला है ताकि फोन के जरिए ही कुछ मिल सके।
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पुलिस ने रमन के फोन में जितने भी नंबर सेफ है या फिर उसके दोस्तों के नंबर है उन लोगों से भी सवाल-जवाब किए हैं। पुलिस हर व्यक्ति से पूछताछ कर रही है जो रमन के साथ किसी न किसी तरीके संपर्क में था। इसके अलावा पुलिस ने गांव के लोगों से भी रमन के बारे में पूरी जानकारी ली और उसके कुछ दोस्तों से भी पूछताछ की। मोगा पुलिस लुधियाना में आकर जांच कर वापस जा रही है लेकिन लुधियाना पुलिस को न तो मोगा पुलिस कोई जानकारी दे रही है और न ही पुलिस को किसी तरह की कोई जानकारी मिल रही है कि कौन-कौन सी टीमें यहां पर जांच कर रही हैं।
रमन के मोबाइल से मिले नंबरों पर की जा रही कॉल
पुलिस को रमनदीप सिंह उर्फ रमन के मोबाइल से काफी नंबर मिले हैं। मोगा पुलिस अब कुछ दिनों से उन नंबरों पर कॉल कर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने उन लोगों का पूरा ब्योरा लिया है जिनके फोन नंबर रमनदीप सिंह के मोबाइल में हैं। बताया जा रहा है कि रमन के गांव में एक टीम पूरी तरह से नजर गड़ाए हुए है। रमन के संपर्क में रहने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने रमन के परिवार और उसके पूरे रिश्तेदारों की एक लिस्ट भी तैयार की है। पुलिस जल्द ही उनसे भी पूछताछ कर सकती है।
रमन के भाई गुरसेवक को पुलिस ने रिहा किया
जिस समय मोगा पुलिस ने रमन को उसके घर गांव चूहड़वाल से गिरफ्तार किया था उसका भाई गुरसेवक उनका पीछा करने लगा था। इसके बाद मोगा पुलिस उसे भी अपने साथ हिरासत में लेकर चली गई थी। चार दिन हिरासत में रखने के बाद मोगा पुलिस ने गुरसेवक को लुधियाना की थाना बस्ती जोधेवाल पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद बस्ती जोधेवाल पुलिस ने गुरसेवक के परिजनों को फोन कर थाने बुलाया और गुरसेवक को छोड़ दिया।
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पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके का कहना है कि मोगा पुलिस की कोई टीम लुधियाना आई थी उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लुधियाना पुलिस अपनी जांच कर रही है। जब मोगा पुलिस का रिमांड खत्म होगा तो लुधियाना पुलिस आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी।
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