पुलिस ने जीवनजोत के दोस्तों, संदिग्धों को उठाया
गांव हिस्सोंवाल में कार में मिले इंस्पेक्टर के बेटे के शव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। गांव हिस्सोंवाल के पास शनिवार की सुबह कार में मृत मिले एसएचओ गुरमीत सिंह के बेटे जीवनजोत के के मामले को पुलिस ने करीब-करीब सुलझा ही लिया है। डीएसपी दाखा जसविन्द्र सिंह बराड व एसएचओ थाना सुधार हरजिंद्र सिंह का भी यही कहना है कि पुलिस जल्द ही इस मामले से जुडे सारे रहस्यो का खुलासा कर देगी। पुलिस की जांच ड्रग की ओवरडोज को लेकर ही आगे बढ़ रही है। अब मामला यह है कि ओवरडोज जीवनजोत को किसी ने दी या खुद ही ली है।
एसएचओ गुरमीत सिंह ने भी खुद इसी बात का शक जताया था कि किसी ने उसके बेटे को इंजेक्शन लगाकर ही मारा है। दूसरी और बेटे के नशा न करने की बात कहने वाले एसएचओ गुरमीत सिंह की बात झूठ निकली है। पुलिस जिला लुधियाना देहाती के एक बडे़ अधिकारी ने बताया है कि पुलिस के पास कत्ल की जांच दौरान पक्के सबूत मिले है कि जीवनजोत की पटियाला के ड्रग डीएडीक्शन सेंटर से इलाज चला रहा था। इसके बाद भी उसने नशा नही छोड़ा था। पुलिस ने काल डिटेल के आधार पर जीवनजोत के जितने भी दोस्तों को उठाया गया है, उसमें लगभग सभी नशे के आदी है। इसके अलावा पुलिस ने मुल्लापुर के कुछ तस्करों को भी उठा लिया है। पुलिस को शक है कि इसी एरिया के रहने वाले किसी तस्कर ने ही जीवनजोत व उसके साथ मौजूद नौजवान को नशा सप्लाई किया है।
पुलिस कर्मी ही दिए थे नशे के लिए दो हजार
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि शुक्रवार को घर से निकले जीवनजोत ने बाजाखान के रहने वाले अपने पुलिस मुलाजिम दोस्त को फोन लगा पैसो की मांग की थी। वह पुलिस कर्मी इस समय कपूरथला जिला में तैनात है और वर्ष 2011 से पुलिस महकमे में है। जीवनजोत की उससे मुलाकात भी पटियाला के ड्रग डी एडिक्शन सेंटर में ही हुई थी। शुक्रवार को जीवनजोत के फोन करने पर पुलिस कर्मी ने फरीदकोट जाने की बात कही थी। जीवनजोत के बार-बार कहने पर पुलिस कर्मी कपूरथला से बस पर चढ़कर लुधियाना आया। जीवनजोत उसे अपनी कार में बिैठकर फरीदकोट ले गया। पुलिस कर्मी से हुई जांच के मुताबिक इस दौरान जीवनजोत की गाड़ी की पिछली सीट पर भी एक नौजवान लेटा था, जिसे नशे की काफी तोड लगी थी और बिना नशे के वो उठ भी नही पा रहा था। पुलिस कर्मी ने जांच के दौरान जीवनजोत और उसके साथ गाड़ी में सवार नौजवान उसके गांव बाजाखाना आए, जहां से उसने दो हजार रुपये देकर शाम को जीवनजोत को वापस भेज दिया। जीवजोत की गाड़ी शुक्रवार को शाम के समय सुधार के एरिया में एक सीसीटीवी में भी कैद हुई है। उसके साथ गाड़ी में एक नौजवान भी दिखाई दे रहा है।
रियल्टी फाउंडेशन खरड़ में भी रहा है जीवनजोत
जानकारी के मुताबिक जीवनजोत काफी समय से ही नशे का आदी था। पटियाला में इलाज कराने से पहले परिवार ने उसे खरड़ के रियल्टी फाउंडेशन में भी सात महीने के लिए भेजा था। इस दौरान सुधार एरिया का एक नौजवान भी उसी रियल्टी फाउंडेशन में भती था। सुधार के रहने वाले उस नौजवान ने नाम न छापने की सूरत में बताया कि सात महीने दौरान जीवनजोत उससे कई बार मिला। जीवनजोत ने उससे कहा था कि पैसों की कोई कमी नही है और यहां से बाहर निकल कर भी वह नशा नहीं छोड़ने वाला है।