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रिंकल हत्याकांड : शरीर के 15 हिस्सों पर चोट लगने से हुई थी रिंकल की मौत

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रिंकल हत्याकांड : 15 जगह मिले चोट के निशान
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अदालत से इजाजत मिलने के बाद पुलिस ने कराया रिंकल का पोस्टमार्टम
सिर की बाईं ओर लगी चोटें, नाक की हड्डी टूटी और बाईं टांग भी आरोपियों ने तोड़ी
परिजन अब भी अंतिम संस्कार कराने पर नहीं हो रहे हैं राजी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। भाजपा समर्थक रिंकल खेड़ा पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारने वाले कांग्रेस पार्षद गुरदीप सिंह नीटू के बेटे सन्नी और उसके साथियों ने बुरी तरह से पीट कर उसकी हत्या की थी। आरोपियों ने शरीर के 15 हिस्सों पर गहरी चोटें मारी जिस वजह से रिंकल ने तड़पकर दम तोड़ दिया। इसका खुलासा शनिवार को उस समय हुआ जब सीएमसी अस्पताल में जाकर तीन डाक्टरों ने रिंकल के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि आरोपियों ने रिंकल के सिर की बाईं तरफ चोट मारी, उसके अलावा आरोपियों ने उसकी नाक की हड्डी और बाईं टांग की हड्डी के साथ साथ बाएं हाथ की अंगुलियों को भी तोड़ा था। रिंकल इतनी गहरी चोटें सहन नहीं कर सका और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को फिलहाल सीएमसी अस्पताल के शव गृह में ही रखवाया है। अब परिजन रिंकल के परिजनों को अंतिम संस्कार कराने के लिए मना रहे हैं।
अदालत से इजाजत के बाद पुलिस ने कराया शव
रिंकल की हत्या के बाद उसके परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़े हुए थे। उनकी मांग थी कि कांग्रेसी पार्षद गुरदीप सिंह नीटू के बेटे और उसे गिरफ्तार किया जाए। जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने आरोपी सन्नी को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन गुरदीप नीटू अभी भूमिगत है। पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में उसका हत्या में कोई रोल सामने नहीं आया है, लेकिन परिजन अभी भी उसकी गिरफ्तारी पर अड़े हुए है। पुलिस ने रिंकल के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए अदालत में आवेदन किया था और अदालत ने पोस्टमार्टम की इजाजत दे दी। जिसके बाद पुलिस ने शनिवार को रिंकल के शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों द्वारा शव की शिनाख्त वाले खाने पर दस्तखत न करने पर पुलिस ने रिंकल के एक पुराने केस को जोड़ कर उसकी खुद ही शिनाख्त कर दी और पोस्टमार्टम कराया।
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तीन डाक्टरों ने सीएमसी अस्पताल में जाकर किया पोस्टमार्टम
पुलिस रिंकल के शव को सिविल अस्पताल लेकर नहीं पहुंची। सीएमसी अस्पताल के बाहर पुलिस ने कड़ा पहरा लगा रखा था। शनिवार की सुबह आठ बजे ही जिला पुलिस ने डाक्टरों को पोस्टमार्टम करने के लिए बोल दिया। जिसके बाद डॉ. हरीश किरपाल, डॉ. मिलन वर्मा और डॉ. कुलवंत सिंह पर आधारित एक बोर्ड का गठन किया गया। मगर सिविल अस्पताल के डाक्टर सिविल अस्पताल से बाहर जाकर पोस्टमार्टम करने को राजी नहीं हुए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह उन्हें सिविल अस्पताल से बाहर किसी अन्य अस्पताल में जाकर पोस्टमार्टम करने की इजाजत दिलाएं ताकि कल उन पर कोई एक्शन न आ सके। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने सिविल सर्जन से इजाजत दिलवा कर सीएमसी अस्पताल में रिंकल के शव का पोस्टमार्टम कराया।
नीटू की गिरफ्तारी से पहले नहीं होगा अंतिम संस्कार : मनी खेड़ा
रिंकल के भाई मनी खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने धक्केशाही की है। पुलिस ने खुद ही रिंकल के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। उन्हें शनिवार को जानकारी नहीं दी गई। मनी ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम करा शव सीएमसी अस्पताल में ही रखवा दिया गया है। रिंकल के शव का अंतिम संस्कार भी अब पुलिस ही करवा ले। वह तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक पार्षद गुरदीप सिंह नीटू गिरफ्तार नहीं होता। उन्होंने कहा कि नीटू से अभी भी पूरे परिवार को जान का खतरा है।
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जल्द ही पुलिस गिरफ्त में होंगे सभी आरोपी : डीसीपी
रिंकल हत्याकांड में बनाई गई एसआईटी के प्रमुख और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अश्वनी कपूर ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए कोई धक्केशाही नहीं की। उन्होंने अदालत से पोस्टमार्टम कराने की इजाजत ली है। पुलिस की अभी तक की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिजनों ने सिर्फ सन्नी का नाम ही लिखवाया था। बाकी के आरोपियों की पहचान पुलिस ने अपनी जांच के दौरान की है। उनकी तलाश में अलग अलग टीमें बाहरी शहरों और राज्यों में छापामारी के लिए रवाना हो रखी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच में पार्षद गुरदीप सिंह नीटू का कोई रोल नहीं आया है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पुलिस ने उसे क्लीन चिट दे दी है। अगर आगे की जांच में कहीं भी गुरदीप नीटू का रोल सामने आता है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने फरार आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए उनके सगे संबंधियों को हिरासत में लिया हुआ है। लेकिन आरोपी सन्नी के अलावा कोई भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आया है।
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