भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पहले से सवालों के घेरे में रही जगरांव नगर काउंसिल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला करीब 19 लाख रुपये के सड़क निर्माण टेंडर और इसके बजाय दूसरी सड़क का 100 फुट से अधिक हिस्सा खोदे जाने के आरोपों से जुड़ा है।
मामले को लेकर शहर के समाजसेवी कुलवंत सिंह ने विजिलेंस विभाग और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। शिकायत में शहर में बिना नक्शा पास करवाए चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर भी अधिकारियों पर कथित मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं।
19 लाख का टेंडर एक सड़क का, खुदाई दूसरी सड़क की
जानकारी के अनुसार माता चिंतपूर्णी मंदिर रोड के निर्माण के लिए करीब 19 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। आरोप है कि सड़क निर्माण से जुड़े काम के दौरान मंदिर के साथ जाने वाली दूसरी सड़क का 100 फुट से अधिक हिस्सा खोद दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ मकानों के सीवरेज टी-कनेक्शन से जुड़ी समस्या के चलते इस सड़क की खुदाई की गई। बड़ा सवाल यही है कि दूसरी सड़क को खोदने की अनुमति किस अधिकारी ने दी और इसके लिए नगर काउंसिल की ओर से क्या प्रक्रिया अपनाई गई?
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि जिस सड़क का टेंडर लगाया गया, उसके काम और जिस सड़क को खोदा गया, दोनों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सड़क का बड़ा हिस्सा खोदे जाने के बावजूद नगर काउंसिल के एमई से लेकर ईओ तक का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।
काउंसिल के एमई अशोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें खोदी गई सड़क की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने सड़क तोड़ी है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, ईओ मोहित शर्मा ने कहा कि वैजे चौक से माता चिंतपूर्णी मंदिर तक सड़क निर्माण का टेंडर लगा हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि मौके पर दूसरी सड़क खोदे जाने की बात सामने आ रही है तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और वह इस संबंध में पता करवाएंगे।