लुधियाना जगरावां में कोरोना से जंग हारे गुरजंट का गांव के शमशान घाट में अंतिम संस्कार करने जाते ह
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श्री हजूर साहिब से लौटे गांव माणूके निवासी गुरजंट सिंह (56) की शनिवार सुबह सिविल अस्पताल लुधियाना में मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित थे। सिविल अस्पताल से शव लेने के लिए गांव के सरपंच सहित अन्य लोग पहुंचे। शनिवार बाद दोपहर बिना किसी भेदभाव के उनका गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही शव श्मशान घाट पहुंचा, गांव के सरपंच ने पीपीई किट डाले ही शव को चिता तक पहुंचाया। अंतिम अरदास भी सरपंच की तरफ से की गई।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले श्री हजूर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं में गुरजंट सिंह भी शामिल थे। सभी की मेडिकल जांच की गई थी। 30 अप्रैल को गुरजंट सिंह की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सिविल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह लगभग सात बजे दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। इस खबर से गांव में मातम छा गया। शव को लेने के लिए गांव के सरपंच गुरमुख सिंह व परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे। तीन बजे शव मिलने के बाद गांव के शमशान घाट में नियमों के अनुसार गुरजंट का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर विधायक सर्वजीत कौर माणूके, तहसीलदार मनमोहन सिंह कौशिक, डॉ. अश्वनी कुमार, एसजीपीसी सदस्य भाई गुरचरण सिंह गरेवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पिता ने कहा था, तीन चार दिन में लौट आऊंगा
मृतक गुरजंट सिंह मजदूरी करता था, उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। बेटी अमरजीत कौर ने बताया कि वह शुक्रवार को अपने पिता से मिलने के लिए सिविल अस्पताल गई थी। उन्होंने दूर से ही सिर्फ इतना कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, तीन चार दिन में वह घर लौट आएंगे। शनिवार को उनका परिवार घर पर था। पड़ोसियों ने यह सूचना दी कि उसके पिता का देहांत हो गया।
वहीं शनिवार को लुधियाना तीन नए संक्रमित मिले। सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा के अनुसार इनमें से दो आरपीएफ जवान हैं और दिल्ली के सराय रोहिल्ला से खाली ट्रेन में आए थे। वहीं तीसरी संक्रमित 17 साल की किशोरी टीबी से पीड़ित है।
गुरजंट सिंह- फोटो : LUDHIANA