लुधियाना में भाजपा किसान मोर्चा की बैठक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केंद्र सरकार के कृषि विधेयक पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी किसानों को गुमराह कर रही है। किसानों को भटकाया जा रहा है। उन्हें विधेयक के बारे में पूरी जानकारी देने के बजाय गलत जानकारी दी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी किसान विंग के प्रधान विक्रम सिंह चीमा ने गुरुवार को भाजपा दफ्तर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद मीडिया से ये बातें कहीं।
चीमा ने बताया कि मोदी सरकार ने किसानों के हित में पूरी तैयारी के साथ और पूरी सलाह के साथ इन विधेयकों को पारित किया है। जबकि कांग्रेस और आप इन विधेयकों को लेकर किसानों को गुमराह कर रही हैं। इन विधेयकों के पारित होने से कृषि क्षेत्र में बड़ा सुधार होगा। किसानों को सरकार ने बिचौलियों से मुक्त कर अपनी फसल सीधा बेचने का एक विकल्प दिया है।
उन्होंने दावा किया कि इन कानूनों को लेकर भाजपा की ओर से दो किसान संगठनों के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक भी की गई थी। इसके अलावा सरकार की ओर से किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) जारी रखी जाएगी। उन्होंने माना कि भाजपा किसानों को इन विधेयकों को समझाने में नाकामयाब रही है।
हरसिमरत के विधेयक पर दस्तखत हैं, अब न जाने क्यों विरोध कर रहीं हैं
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के विरोध और हरसिमरत कौर बादल के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफे पर चीमा ने कहा कि जब जून में विधेयक तैयार होना शुरू हुआ था तो हरसिमरत कौर बादल बैठक में मौजूद थीं। उनके भी इन विधेयकों पर दस्तखत हैं।
अब विधेयक पारित होने के बाद उन्हें पता नहीं क्या हुआ कि इन विधेयकों के विरोध में खड़ी हो गईं और इस्तीफा दे दिया। इस बारे में तो वह ही पूरी तरह से बता सकतीं हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी किसानों को समझाने के बजाय उन्हें भड़का रही है, ताकि हालात खराब किए जा सकें।
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