लुधियाना में आशु और पुलिस के बीच झड़प।
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लुधियाना पश्चिमी उपचुनाव के लिए मतदान वीरवार को होगा। इससे एक दिन पहले लुधियाना में कांग्रेसी उम्मीदवार भारत भूषण आशु की पुलिस के साथ झड़प हो गई। आशु ने आरोप लगाया कि पुलिस धक्काशाही कर रही है।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस के एकजुटता के दावे की पोल उस समय खुल कर सामने आ गई जब पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु की पुलिस के साथ हाथापाई और झगड़ा हुआ। घटना का पता चलने के बाद भी कांग्रेस का कोई सीनियर नेता और लोकल नेता नहीं पहुंचा, बल्कि केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अपनी दोस्ती निभाने के लिए तुरंत ही जवाहर नगर कैंप पहुंच गए। हालांकि वह गाड़ी से नहीं उतरे और न ही आशु से मिलने पहुंचे। लेकिन चर्चा यही थी कि पंजाब प्रधान तो आए नहीं बल्कि बिट्टू दोस्ती के नाते पहुंच गए।
रवनीत सिंह बिट्टू और पूर्व कैबिनेट मंत्री आशु की दोस्ती काफी पुरानी है। हालांकि रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह आशु से मिलने नहीं बल्कि भाजपा उम्मीदवार के हक में पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए खुद आए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और लोगों में राशन बांट रहे है। लोग भी समझदार हैं। वह भी लोगों से कहना चाहते है कि राशन चाहे दो महीने का घर पर स्टॉक कर ले, लेकिन वोट अपनी मर्जी से डालें।
कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु का पुलिस के साथ झगड़ा हुआ और आशु कुर्सी लगाकर वहीं बैठ गए। उनके हलके के काफी कार्यकर्ता जवाहर नगर कैंप पहुंच गए। हैरानी की बात यह है कि जो कांग्रेसी नेता एकजुटता की बात करते है और आशु के साथ कंधे से कंधा मिलकर चलने की बात करते है वह एक भी नेता आज आशु के विवाद के बाद नजर नहीं आया। आशु अकेले ही जवाहर नगर कैंप में डटे रहे। लोग यही कहते दिखे कि आज पुराना आशु फिर से आ गया जो अकेले ही हर जगह वर्करों के लिए भिड़ जाता था।
इधर दूसरी तरफ बिट्टू ने कहा कि किसी प्रत्याशी के साथ हाथापाई करना गलत है। चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। पुलिस तो पहले ही सरकार के इशारे पर काम कर रही है। आप जबरदस्ती चुनाव जीतना चाहती है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए बिट्टू ने कहा कि आशु तो पहले ही अकेला है और आज भी अकेला ही लड़ रहा है। आशु के साथ न तो पंजाब कांग्रेस प्रधान है और न ही स्थानीय नेता। आशु को वोट देने का भी कोई फायदा नहीं है।