लुधियाना। पंजाब में गहराए बिजली संकट को लेकर उद्यमियों ने अब प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समस्या का हल निकालने की मांग की है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एवं कॉमर्शियल अंडरटेकिंग (सीआईसीयू) ने पावर क्राइसिस को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र में समस्या विकराल होने की बात लिखी है। चेंबर के प्रधान उपकार सिंह अहुजा के पत्र में उन्होंने कहा है कि 15 जुलाई तक कट लगने से अब इंडस्ट्री के पास पूर्ण शट डाउन के सिवा कोई चारा नहीं। क्योंकि प्रोडक्शन प्रोसेस पूरा नहीं हो पा रहा। कई उत्पादों की किल्लत है और कई तरह की अड़चनों से दो चार होना पड़ रहा है। कोविड के चलते पहले ही इंडस्ट्री परेशानियों के दौर से गुजर रही है और एक साल से कारोबार की उठापठक ने इंडस्ट्री के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। ऐसे में अब बिजली न होने से इंजीनियरिंग, स्टील, फोर्जिंग, कास्टिंग पूर्ण रूप से प्रभावित हो गई है। एक्सपोर्ट ऑर्डरों को अगर छोड़ दिया जाए, तो आने वाले समय के लिए इंडस्ट्री की ग्रोथ में यह सबसे बड़ी बाधा होगी।
घरेलू बाजार में भी कई परेशानियां
पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि घरेलू बाजार में भी इंडस्ट्री को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की कमी और इसके लिए बंदोबस्त न कर पाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि हर साल इस तरह मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार प्रबंध क्यों नहीं किए गए। जिसने पंजाब को आर्थिक पटरी से उतार दिया है। यह विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह किसी भी स्थिति में इंडस्ट्री को बिजली सुनिश्चित करवाए। इंडस्ट्री को जुलाई व अगस्त के बिजली बिलों से भी राहत दी जानी चाहिए।