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'स्मार्ट स्कूलों' पर बच्चों का तंज: गंदे पानी के स्विमिंग पूल से कैसे गुजरें? जगरांव में जेन अल्फा की नारेबाजी

Sat, 07 Nov 2026 03:05 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव

सार

प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने सड़क के बीच ट्रॉली खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बच्चों का सरकार पर तंज भी खूब चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे 'स्मार्ट स्कूलों' की जरूरत नहीं, जहां पढ़ने जाने के लिए गंदे पानी के स्विमिंग पूल से होकर गुजरना पड़े।
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सड़क के बीच खड़ी की गई ट्राली - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सरकारें शिक्षा व्यवस्था को स्मार्ट बनाने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है, इसकी तस्वीर जगरांव के कोठे खजूरा रोड पर देखने को मिल रही है। यहां छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए सड़क पर जमा सीवरेज के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बदबू, मच्छरों और सड़क के गहरे गड्ढों से परेशान बच्चों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। शनिवार को बच्चों ने गांव के लोगों के साथ मिलकर पंजाब सरकार और हलके की विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने सड़क के बीच ट्रॉली खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बच्चों का सरकार पर तंज भी खूब चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे 'स्मार्ट स्कूलों' की जरूरत नहीं, जहां पढ़ने जाने के लिए गंदे पानी के स्विमिंग पूल से होकर गुजरना पड़े। बच्चों के इस अनोखे विरोध ने सरकार के विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए।
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महीनों तक नहीं निकलता पानी, मच्छरों का बढ़ रहा आतंक
समाजसेवी सुख जगराओं ने बताया कि रायकोट रोड से लुधियाना हाईवे की तरफ जाने वाला बाइपास यानी कोठे खजूरा रोड लंबे समय से खस्ताहाल है। सड़क की मरम्मत और पानी की निकासी को लेकर विधायक से लेकर मंडी बोर्ड के अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार लोगों को निराशा ही हाथ लगी। बारिश होने के बाद सड़क तालाब का रूप धारण कर लेती है और पानी की निकासी महीनों तक नहीं होती। गंदे पानी से उठने वाली बदबू और उसमें पनप रहे मच्छरों के कारण आसपास के लोगों को बीमारियों का खतरा झेलना पड़ रहा है।

सीवरेज का लेवल गलत, सड़क बन गई गंदे पानी का तालाब
गांव निवासी हरप्रीत सिंह और सुरजीत सिंह ने बताया कि सड़क के साथ डाला गया सीवरेज भी सही लेवल पर नहीं है। सीवरेज का लेवल ठीक न होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती और गंदा पानी सड़क पर ही जमा रहता है। इसका खामियाजा स्कूली बच्चों, राहगीरों और आसपास रहने वाले परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क पर बने गड्ढे पानी में दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के हादसों का खतरा बना रहता है।

स्कूल ही नहीं, श्मशानघाट जाने का रास्ता भी बेहाल
समाजसेवी सुख जगराओं ने बताया कि इस सड़क से करीब 50 स्कूली बच्चे रोजाना गुजरते हैं। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए गंदे पानी और बदबू के बीच से निकलना पड़ता है। आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। यहां तक कि किसी की मृत्यु होने पर श्मशानघाट जाने के लिए भी लोगों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब बच्चों की पढ़ाई और आम लोगों की आवाजाही तक सुरक्षित नहीं है तो फिर विकास के दावों का क्या फायदा?
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पुलिस पहुंची, ट्रैफिक जाम; संघर्ष तेज करने की चेतावनी
सड़क के बीच ट्रॉली लगाकर धरना देने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। धरने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और ट्रैफिक जाम लग गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। यदि जल्द सड़क की मरम्मत और सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज किया जाएगा।
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