छह वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान मौत से गुस्साए परिजनों ने बुधवार को रेलवे स्टेशन परिसर में बने हेल्थ यूनिट के समक्ष प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत करवाया।
परिजनों का आरोप था कि डाक्टरों की ओर से इलाज में की गई लापरवाही के कारण ही बच्चे की असमय मौत हुई है। बच्चे की पहचान रवि कुमार के तौर पर हुई है, वह रेलवे कालोनी में ही रहता था। उसे कुछ दिनों से पीलिया हुआ था।
ऑल इंडिया रेलवे टेक्रिकल स्टॉफ यूनियन के प्रधान दविंदर सिंह राणा ने बताया कि रेलवे अस्पताल की डाक्टर ने भरोसा दिलाया था कि बच्चा शीघ्र ही तंदुरुस्त हो जाएगा लेकिन उसकी हालत लगातार खराब होती गई। मंगलवार को बच्चे को डाक्टरों ने अपोलो अस्पताल ले जाने को कहा। वहां उसकी मौत हो गई। परिजनों एवं यूनियन की मांग है कि रेलवे हेल्थ यूनिट की प्रभारी डॉक्टर को हटाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उधर हेल्थ यूनिट के डाक्टरों ने किसी भी तरह की लापरवाही से इंकार किया है। उनका दावा है कि बच्चे का सही ट्रीटमेंट किया गया। वक्त रहते ही उसे अपोलो अस्पताल रेफर किया गया था।