मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शहीदों द्वारा देखे सपनों को घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि उनके सपनों को सच करके और बेहतर राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।
सीएम ने पत्रकारों के कल्याण के लिए शहीद करतार सिंह सराभा कल्याण फंड स्थापित करने का भी ऐलान किया ताकि मुश्किल वक्त में पत्रकारों की सहायता की जा सके। साथ ही सीएम ने राज्यों की जरूरतों के अनुसार उनके विकास के लिए सही मायनों में संघीय ढांचा स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया ताकि राज्य अपने विकास के लिए जरूरतों एवं प्राथमिकताओं के हिसाब से योजना बना कर उनको लागू कर सकें।
बादल शुक्रवार को शहीद करतार सिंह सराभा के गांव में पंजाब यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट की ओर से कराए सेमिनार में बोल रहे थे। बादल ने कहा कि शहीद करतार सिंह भी एक पत्रकार थे। बादल ने पत्रकारों को सकारात्मक पत्रकारिता करने के लिए प्रेरित किया ताकि समाज को सही तरीके से जागरूक किया जा सके।
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सभी राज्यों को बराबर की सुविधाएं मिलना चाहिए, लेकिन केंद्र ने संविधान के बीच संघीय ढांचे की भावना को खत्म कर दिया है। राज्यों की तमाम शक्तियों पर अपना हक जमा लिया है। अपनी मर्जी से केंद्र राज्यों को योजनाएं दे रहा है तभी राज्यों का समान विकास नहीं हो रहा है। कई समस्याएं केंद्र ने ही पैदा की हैं।
किसान को उसकी फसल का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है। हालत यह है कि किसान कर्ज में डूब रहा है। खाद, कीटनाशक, पेट्रो उत्पाद, फसलों की कीमतें निर्धारित करने की ताकत भी केंद्र के पास है।
पंजाब के कई किसान सचिन तेेंदुलकर : बादल
बादल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी पंजाब के कई किसान सचिन तेेंदुलकर हैं, लेकिन उनको तवज्जो नहीं दी जा रही है। खेल एवं फिल्म जगत की तरह यदि कृषि को भी प्रोत्साहन मिले को कायाकल्प हो सकता है।
प्रॉपर्टी टैक्स पर बादल बोले कि यह केंद्र सरकार ने दबाव बना कर लगवाया है। यदि केंद्र की स्कीमों को लागू न करें तो विकास स्कीमें रोक दी जाती हैं। बावजूद इसके प्रॉपर्टी टैक्स में जनता का ध्यान रखा गया है। इससे पहले बादल ने शहीद सराभा को श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए। बादल ने गांव सराभा के विकास के लिए पहले जारी किए 45 लाख के अलावा 27 लाख रुपये का चेक ग्राम पंचायत को सौंपा। इस मौके पर जगदीश सिंह गरचा, संता सिंह उमैदपुरी समेत कई नेता मौजूद रहे।