लुधियाना में सेंट्रल एक्साइज विभाग के प्रिसीपल कमिश्नर केडी चौधरी पत्रकारों को संबोधित करते हुए।
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केंद्रीय बजट में सरकार ने सोने और हीरे के आभूषणों पर एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगा दी है। हालांकि इसके खिलाफ देश भर के ज्वेलर दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सराफा दुकानें बंद हैं और कारोबारी सड़कों पर उतर कर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच सेंट्रल एक्साइज विभाग ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीईसी) के निर्देश पर देश भर में प्रेस कांफ्रेंस करके सारी तस्वीर साफ करने का प्रयास किया है।
प्रावधान के अनुसार न ज्वेलर का स्टॉक चेक होगा और न ही रिकार्ड, न ही कारोबारी के परिसर में अधिकारी जाएंगे। ज्वेलर्स के लिए जॉब वर्क करने वालों को न पंजीकरण कराना होगा और न ड्यूटी देने और रिटर्न भरने की जरूरत होगी। कारोबारी का पंजीकरण भी ऑनलाइन ही किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का जीरो हस्तक्षेप होगा। कुल मिलाकर विभाग ज्वेलर्स के लिए रेड कारपेट बिछा रहा है।
लुधियाना में सेंट्रल एक्साइज विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर केजे चौधरी ने कहा है कि ज्वेलर के केस में सेंट्रल एक्साइज की स्माल स्केल इंडस्ट्री को मिलने वाली छूट को भी डेढ़ से बढ़ा कर छह करोड़ रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में जिन कारोबारियों की टर्नओवर 12 करोड़ या इससे अधिक होगी, उन्हें अगले वित्त वर्ष में शुरू से ही ड्यूटी देनी होगी। जिसकी टर्नओवर 12 करोड़ से कम होगी, उसे अगले वित्त वर्ष में छह करोड़ टर्नओवर तक छूट मिलेगी। ज्वेलरों को अलग अलग परिसरों के लिए अलग से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी। पंजीकरण के बाद परिसरों का सत्यापन भी नहीं किया जाएगा।
चौधरी ने कहा कि ज्वेलर को ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा दी गई है, जबकि वह अपनी रिटर्न भी ऑनलाइन ही दाखिल करा पाएगा।। उसे विभाग आने की जरूरत नहीं होगी। दूसरे कारोबारियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। वहां पर विभाग के अधिकारी पंजीकरण लेने, रिटर्न भरने में कारोबारी की मदद करेंगे। इस अवसर पर डीसी लक्ष्य कुमार गुप्ता, असिस्टेंट कमिश्नर रमेश शर्मा, सुखदेव सिंह और अमरीक सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।