रोना वायरस को लेकर जहां पूरे पंजाब में कर्फ्यू लगा हुआ है, वहीं टिब्बा रोड के मायापुरी इलाके में कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए दो पक्ष आमने सामने हो गए। दोनों पक्षों में जहां मारपीट हुई वहीं दोनों पक्षों की तरफ से एक दूसरे पर पत्थर बरसाएं गए। पहले दोनों पक्ष मामूली बात पर शुक्रवार रात को भिड़े। उसके बाद शनिवार को दोनों पक्षों में समझौते की बात चल रही थी कि तभी दूसरे गुट ने बदला लेने के लिए हमला कर दिया।
इस मारपीट में महिलाओं सहित लगभग 12 लोग घायल हो गए। पहले एक गुट ने रात को तो दूसरे गुट ने पहले वाले गुट पर सुबह हमला किया। कर्फ्यू के बीच पत्थरबाजी की सूचना मिलते ही एडीसीपी 4 अजिंदर सिंह, एसीपी दविंदर चौधरी और तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह से माहौल को शांत किया और पूरे इलाके में ड्रोन से नजर रखनी शुरू कर दी। अभी इस मामले में पुलिस जांच करने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार मायापुरी के पंजाबी बाग इलाके में रहने वाली सुनीता नामक महिला का बेटा सब्जी का रेहड़ा लगाता है। सब्जी का भाव पूछने को लेकर शुक्रवार रात उसकी इलाके के ही युवकों से कहासुनी हो गई। उन्हीं युवकों के साथ उसकी पुरानी रंजिश भी चल रही थी। कुछ युवकों ने उसके साथ मारपीट की और सुनीता के घर पर हमला किया। हमलावरों ने घर पर पत्थरबाजी की और दुर्व्यवहार किया। इस मारपीट और पत्थरबाजी में सुनीता, निशा, तस्लीम व अन्य लोग घायल हुए थे।
इसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी। सुबह दोनों पक्षों में समझौते की बात चल रही थी कि अचानक सुनीता के पक्ष के लोगों ने रात को हमला करने वाले लोगों के परिवार पर अचानक से हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने तेजधार हथियार, ईंट पत्थर चलाए हैं। सूचना मिलते ही एडीसीपी अजिंदर सिंह की अगुवाई में तीन थानों की पुलिस, एआरपी के जवान और अन्य पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस के सामने भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए और पत्थरबाजी की। पुलिस ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब वह लोग नहीं माने तो पुलिस को लाठी के बल पर लोगों को घरों में भेजना पड़ा।
कर्फ्यू का उल्लंघन, नहीं रखी किसी ने सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह
शुक्रवार देर रात को और शनिवार की सुबह दो पक्षों के बीच चली पत्थरबाजी के दौरान इलाके के लोग घरों से बाहर आ गए। कर्फ्यू के बीच इतनी भारी संख्या में पूरे इलाके का बाहर आना किसी खतरे से खाली नहीं था। पुलिस के सामने भी लोग आराम से घूमते रहे। किसी को भी सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह नहीं थी। ऐसा प्रतीत ही नहीं हो रहा था कि लुधियाना में कर्फ्यू लगा हुआ है। पुलिस की जब लोगों ने नहीं मानी तो पुलिस ने लाठी के सहारे सभी को अंदर भेजा।
मामले की जांच की जा रही है: एडीसीपी
एडीसीपी 4 अजिंदर सिंह ने बताया कि कर्फ्यू के बीच मारपीट करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच की जा रही है। कर्फ्यू का उल्लंघन कर कानूनी की धज्जियां उड़ाने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।