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पिछली पेमेंट न मिली तो गेहूं खरीद का बायकाट

Tue, 29 Mar 2016 10:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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ब‌‌हिष्‍कार - फोटो : demo pic
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पंजाब में 35 लाख हेक्टेयर रकबे में लहरा रही गेहूं की फसल की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। पंजाब के आढ़तियों ने एलान किया है कि यदि उनको पिछली पेमेंट की अदायगी वक्त पर न की गई तो खरीद का बायकाट किया जाएगा। इस संबंध में फेडरेशन ऑफ पंजाब आढ़ती एसोसिएशन ऑफ पंजाब की ओर से खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों से 31 मार्च को मुलाकात की जाएगी और उनको विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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पंजाब में किसान गेहूं और धान की फसल केंद्र सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर आढ़ती के मार्फत सरकारी खरीद एजेंसियों को बेचता है। आढ़तियों का कहना है कि उनको पिछले सीजन के दौरान हुई सरकारी खरीद में एजेंसियों ने मजदूरी, लोडिंग और स्टिचिंग की पेमेंट नहीं की है।

सरकार की तरफ से मजदूरी 5.88 रुपये, लोडिंग 1.66 रुपये और स्टिचिंग एक रुपये प्रति बैग तय है। गेहूं की पचास किलो की बोरी तैयार की जाती है और धान की 35 किलो की। ऐसे में मजदूरी, लोडिंग और स्टिचिंग गेहूं पर प्रति बैग 18 रुपये और धान पर 27 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है। सूबे में पिछले सीजन में अंदाजन 120 लाख टन गेहूं और 136 लाख टन धान की सरकारी खरीद की गई थी।  
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फेडरेशन के स्टेट प्रेसिडेंट विजय कालरा का दावा है कि भारतीय खाद्य निगम समेत सूबा सरकार की खरीद एजेंसियों ने करीब तीस से चालीस फीसदी तक पेमेंट अभी तक नहीं की है, जो करोड़ों रुपये बनती है। कानूनन फसल के पैसे के साथ ही मजदूरी, लोडिंग और स्टिचिंग की पेमेंट करना अनिवार्य है, लेकिन खरीद एजेंसियां तरह तरह की अड़चनें पैदा करके इस पेमेंट को रोके हुए हैं।

कालरा ने कहा कि इस संबंध में सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हाल ही में खाद्य मंत्री कैरों और खाद्य सचिव से भी बैठक की गई है, बावजूद इसके अभी तक पेमेंट नहीं की गई है। ऐसे में अब सरकार को अंतिम चेतावनी दी जा रही है कि यदि आढ़तियों को वक्त पर पैसा न दिया गया तो गेहूं खरीद का बायकाट किया जाएगा। 
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