भारतीय साहित्य अकादमी की ओर से शनिवार को पंजाबी भवन में पुस्तक प्रदर्शनी
का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन पंजाबी साहित्य अकादमी के प्रधान प्रो.
गुरभजन सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि वैदिक युग से ही पंजाबी को पुस्तक सभ्यता से संवारा है। इसीलिए इस धरती के शब्द को हमेशा ही सर्वोत्तम माना गया है। प्रो. गिल ने कहा कि पुस्तक प्रदर्शनी को गांव, शहर और कस्बों पर पहुंचाने की जरूरत है, ताकि युवा पीढ़ी पुस्तकों के साथ जुड़ सके।
उन्होंने पंजाबियों को अपने घर में एक छोटी लाइब्रेरी स्थापित करने को प्रेरित किया। भारतीय साहित्य अकादमी की पुस्तक प्रदर्शनी के संचालक डा. खुर्शीद आलम ने कहा कि इसमें पंजाबी, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू की पुस्तकें डिस्पले की गई हैं। यह प्रदर्शनी 17 दिसंबर तक चलेगी।
इस के उद्घाटन के बाद कवि दरबार आयोजित किया गया। कवि दरबार में शायर सवरणजीत सवी, त्रिलोचन लोची और जसवंत जफर ने अपने कलाम से सभी का मनोरंजन किया। इस मौके पर साहित्यकार मौजूद थे।