गांव हलवारा के सरपंच हरजिंदर सिंह निक्का ने बताया कि सुखविंदर सिंह हलवारा उनके गांव का नागरिक है लेकिन ये काम करने से पहले उसने ना किसी से कोई बात की और ना ही सलाह मशविरा किया। सरपंच निक्का ने सुखविंदर सिंह हलवारा की इस कार्रवाई को गलत बताया और कहा कि उन्होंने बोर्ड पर पोती कालिख को साफ करवा दिया है। किसी को भी कानून हाथ मे लेने का अधिकार नहीं है।
उधर, घटना को अंजाम देकर फरार सुखविंदर सिंह हलवारा ने फोन पर बताया कि उन्होंने डीसी लुधियाना से लेकर पंजाब और केंद्र सरकार तक कई बार अपनी मांग पहुंचाई लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। इसलिए अंधी-बहरी सरकारों को जगाने के लिए उन्होंने ये कदम उठाया है। इससे पहले भी उन्होंने यही कोशिश की थी लेकिन जिला ग्रामीण पुलिस के उच्च अधिकारियों के विश्वास दिलवाने पर उन्होंने प्रदर्शन टाल दिया था। सुखविंदर सिंह हलवारा ने कहा कि सरकार उनके खिलाफ जीतने भी मुकद्दमे दर्ज कर दे लेकिन वो मांग पूरी होने तक संघर्ष करते रहेंगे।