कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि पंजाब के नौजवानों को चिट्टे का नशा खा रहा है और किसानों को चिट्ठी मक्खी। इन दोनों समस्याओं की जननी पंजाब की अकाली भाजपा सरकार है। पूर्व सीएम पंजाब में की जा रही रैलियों के सोमवार को अंतिम पड़ाव में रायकोट की रैली में बोल रहीं थीं।
भट्ठल ने कहा कि दिल्ली से ट्रक भर-भर कर रुपये लाने का वादा करने वाले बादलों ने पंजाब में ट्रक भर भर नशा लाकर रख दिया है। पूर्व मंत्री अवतार हैनरी ने कहा कि अकाली सरकार के इन नौ साल में 2500 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। पंजाब पर 1.75 लाख रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। 2007 में जब अकाली सरकार बनी थी तो उस समय खजाने में 13 हजार करोड़ रुपये थे। अकाली सरकार ने इंडस्ट्री को भी खाली कर दिया है।
भट्ठल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई पंजाब पुलिस में भर्ती कोरा राजनीतिक स्टंट हैं। इस प्रक्रिया को लंबा खींचा जाएगा और अंत में कोई भी भर्ती नहीं होगी। यह सब विधानसभा चुनाव में वोट हासिल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार डोप टेस्ट के 1.36 प्रतिशत पॉजिटिव होने के दावे कर रही है, इसकी भी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।
रायकोट के अंतिम पड़ाव में की गई रैली में विधायक गुरचरण सिंह बोपाराय भीड़ जुटाने में नाकामयाब रहे। पिछली कुर्सियां खाली पड़ी रही। पूर्व विधायक हरमोहिंदर सिंह प्रधान भी रैली में नहीं आए। वहीं भारी बारिश ने भी रैली में पहुंचने वालों के लिए परेशानी खड़ी की।
जिस समय रायकोट में कांग्रेस की रैली चल रही थी, ठीक उसी समय रायकोट के ही एक अन्य कांग्रेसी विधायक निर्मल सिंह महंत के घर कांग्रेस से निष्कासित जगमीत सिंह बराड़ खाने पर पहुंचे थे। विधायक महंत ने कहा कि जगमीत सिंह बराड़ उन्हें अपनी 15 अगस्त की रैली के लिए आमंत्रित करने के लिए आए थे, लेकिन उन्होंने अभी बराड़ को कोई आश्वासन नहीं दिया है।