फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पावरकॉम अधिक बिल बनाने का खेल बंद करे, अन्यथा करेंगे आंदोलन, भारतीय किसान यूनियन ने पावरकॉम के खिलाफ किया प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
पावरकॉम की लेटलतीफी का खामियाजा आम उपभोक्ता भुगतने को विवश हैं। दो माह बाद बिजली मीटरों की रीडिंग के आधार पर भेजे जाने वाले बिजली बिल अब ढाई से तीन माह की रीडिंग लेने के बाद भेजे जा रहे हैं। जिससे लोगों को आर्थिक चपत लग रही है। यह मुद्दा भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने उठाया है। सोमवार को यूनियन के प्रतिनिधि जसवंत सिंह तोलावाल, सुखपाल सिंह, दरबारा सिंह ने मीडिया को बताया कि पंजाब में पहले सौ यूनिट पर पांच रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होती है। जबकि अगले सौ यूनिट पर सात रुपये और 200 से ज्यादा यूनिट खपत होने पर दस रुपये प्रति यूनिट वसूला जाता है। पावरकॉम अब ढाई से तीन माह बाद यूनिट बढ़ने के बाद बिल बनाकर भेज रहा है। इससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। किसान नेताओं ने कहा कि वह पावरकॉम का यह खेल अच्छी तरह समझते हैं और उसने यह खेल बंद नहीं किया तो यूनियन बडे़ स्तर पर आंदोलन करने को विवश हो जाएगी। कोरोना संकट के कारण पहले से ही लोगों के रोजगार छिन गए हैं और सरकारें लोगों पर आर्थिक बोझ डालने के नए तरीके अपना रही हैं। उन्होंने मांग की कि दो माह की रीडिंग के आधार पर बिल भेजे जाएं अन्यथा यूनियन संघर्ष का बिगुल बजाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें