बासमती की खेती किसानों के लिए खरा सोना साबित हो रही है। अक्तूबर के शुरू में खुले बाजार में भाव 3200 से 3300 रुपये के बीच था, यह अब बढ़ कर 4500 रुपये पहुंच गया है।
अभी इसमें 25 फीसदी तक की और तेजी आने का अनुमान है। माहिरों का तर्क है कि किसानों को प्रति एकड़ धान के मुकाबले बासमती में 25 से 30 हजार रुपये अधिक आमदनी हो रही है।
पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के महासचिव गुरदीप सिंह चीमा कहते हैं कि बासमती की कीमतों में अभी 25 फीसदी तक का और उछाल आ सकता है। इससे किसानों की आमदनी बेहतर हो रही है।
उधर एशिया की प्रसिद्ध अनाज मंडी खन्ना में बासमती क्वालिटी के अनुसार 3300 रुपये से लेकर 4500 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा जा रहा है। पिछले साल कीमत 2900 से लेकर 4215 के स्तर तक रही थी।
मार्केट कमेटी के सचिव दर्शन कुमार ने कहा कि मंडियों में बासमती की फसल इस बार जल्द शुरू हो गई। मंडी में पिछले साल से ज्यादा बासमती आने की उम्मीद है।
दर्शन ने कहा कि अब तक खन्ना मंडी में 67 हजार क्विंटल बासमती की खरीद हो चुकी है। दो महीने तक इसकी आमद जारी रहेगी। कई किसान बासमती को काट कर घर में रख लेते हैं।
भाव बेहतर मिलने पर मंडियों में लेकर आते हैं। उधर गांव जातिवाल निवासी किसान जगदीप सिंह, गुरमेल सिंह और मलकीत सिंह ने कहा कि बासमती में मेहनत का पूरा पैसा वसूल हो रहा है। इससे उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है।
फेडरेशन ऑफ पंजाब आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन बाल कृष्ण ने कहा कि विश्व बाजार में मांग के कारण निर्यातक लगातार खरीद कर रहा है। दूसरे सरकार ने उनको करों में राहत दी है।
इससे निर्यातक विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पा रहा है और पंजाब से बासमती का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है।