गौरतलब है कि सैन्य जवान जगसीर सिंह 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। मार्च 2026 में जगसीर सेवानिवृत्त होना था, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दे दिया।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर परिवार के सदस्यों, गांव की पंचायत ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि नायक जगसीर सिंह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। वह सेना में देश की सेवा करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद परिवार में कोई सहारा नहीं बचा। उन्होंने सरकार से सैनिक के परिवार को अनुग्रह राशि, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बच्चे की शिक्षा की मांग की है।