लुधियाना में मेडिकल के बाद अस्पताल से बाहर अाते सिमरजीत बैंस
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फास्ट वे नेटवर्क के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किए गए आजाद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और उनके सात साथियों को मंगलवार को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। टीम इंसाफ के वकीलों ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर कर दी है। इस पर अदालत बुधवार को सुनवाई करेगी। टीम इंसाफ की पेशी के दौरान पुलिस ने अदालत परिसर को छावनी में तबदील कर दिया।
सोमवार को फास्ट वे नेटवर्क के खिलाफ धरना दे रही टीम इंसाफ के सदस्यों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। जानकारी के अनुसार बैंस को थाना कूमकलां में रखा गया। अदालत में पेश करने से पहले सिविल अस्पताल में उनका मेडिकल कराया गया।
वहां से पुलिस पहले उनको सीआईए ले गई, इसके बाद अदालत में पेश किया गया। वहीं बैंस के बेटे अजयप्रीत सिंह और पांच साथियों ने सीआईए में रात बिताई। एक साथी रंजीत सिंह को सराभा नगर थाने में रखा गया। टीम इंसाफ के वकील जगमोहन सिंह वड़ैच ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया।
बलविंदर सिंह बैंस ने कहा कि प्रेस की आजादी बहाल कराने की मांग पर पुलिस द्वारा किया अत्याचार लोक लहर को जन्म देगा। टीम इंसाफ सरकारी अत्याचारों से डरने वाली नहीं है। बलविंदर ने कहा कि सिमरजीत द्वारा खुद की पगड़ी उतारने और कुर्ता फाड़ने की पुलिसिया दलील में कोई दम नहीं है।