घायल डीएसपी और पुलिस जवान।
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पथराव की सूचना मिलने के बाद जिले के कई थानों से भारी पुलिस बल और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से पहुंचे एसडीएम चमकौर साहिब हरप्रीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इस कार्रवाई को सात दिनों के लिए टाल दिया है।
एसडीएम हरप्रीत सिंह ने कहा कि इन लोगों को यहां से कब्जा हटाने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए हैं। अब फिर सात दिन का समय दिया जा रहा है। कब्जा हटाने के लिए फिर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने कभी नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही कोई इस संबंध में प्रशासन से आकर मिला।
बंगाला बस्ती निवासी मानक, प्रीतो और बहादुर सिंह ने कहा कि वह लंबे समय से यहां रह रहे हैं और उनके पास बिजली-पानी तक के कनेक्शन हैं। सरकार तथा प्रशासन धक्केशाही से उन्हें यहां से बेघर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसा वह नहीं होने देंगे। किसी भी कीमत पर अपने घर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न तो उन्हें रहने के लिए कोई जगह दी जा रही है और न कोई मुआवजा। उन्होंने मंत्री चरनजीत सिंह के खिलाफ भी नाराजगी जताई।
हमले में घायल हुए डीएसपी सुखजीत सिंह विर्क ने कहा कि इस सारे घटनाक्रम संबंधी कार्रवाई करने के लिए एसएचओ को कहा गया है। पुलिस ने नौ लोगों पर मामला दर्जकर लिया है। एसएचओ गुरसेवक सिंह ने बताया कि हमला करने वाले जोगी, गिंदी, सोमा, करमला, अजे, गुलशन, राजा, पिरथी और गीता पर मामला दर्जकर लिया गया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।