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कर्नल बाठ पर हमला: सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, हत्या की कोशिश की धारा हटाई

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-मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर रॉनी सिंह, गंभीर चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने की धारा में आरोप तय
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। कर्नल पुष्पिंदर बाठ और उनके बेटे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर रॉनी सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है लेकिन सीबीआई ने हत्या की कोशिश की धारा को हटा दिया है।
मूल रूप से पटियाला पुलिस ने इस मामले में इंस्पेक्टर हैरी बोपाराय, रॉनी सिंह और हरजिंदर ढिल्लों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 109 (हत्या की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, सीबीआई ने अपनी जांच के बाद चार्जशीट में इस धारा को हटा दिया और आरोपियों पर जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने की धारा के तहत आरोप लगाए हैं।
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क्या था पूरा मामला?
13-14 मार्च की दरमियानी रात पटियाला के राजिंदरा अस्पताल के पास कर्नल पुष्पिंदर बाठ और उनका बेटा अपनी कार के पास खड़े थे। उसी समय, सादे कपड़ों में कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें गाड़ी हटाने के लिए कहा। मामूली बहस के बाद, आरोप है कि एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने कर्नल बाठ और उनके बेटे पर रॉड्स और डंडों से हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, पटियाला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, जिससे मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर तक पहुंचा। इसके नौ दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई और पांच इंस्पेक्टरों समेत 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
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हाईकोर्ट पहुंचा था मामला
कर्नल बाठ के परिवार ने पंजाब पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए मामले को बाहरी एजेंसी को सौंपने की मांग की। पहले यह जांच चंडीगढ़ पुलिस को दी गई लेकिन परिवार ने आरोप लगाया कि जांच सही दिशा में नहीं हो रही। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा और जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
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