हंगामा होने पर पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। नगर पंचायत मलूका में आउटसोर्स कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर चेक करने को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायक बलकार सिंह सिद्धू और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक सिद्धू कर्मचारियों की शिकायत पर रजिस्टर जांचने पहुंचे थे।
विवाद इतना बढ़ गया कि नगर पंचायत कार्यालय में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने विधायक को वहां से जाने की सलाह दी। विधायक के वापस लौटते समय मलूका के समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने बताया कि कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि नगर पंचायत प्रधान ने उनकी गैरहाजिरी लगा दी है। सिद्धू के अनुसार, पंजाब सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की दिशा में काम कर रही है, ऐसे में गैरहाजिरी से उनकी नियमितीकरण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह कार्यालय पहुंचे तो रजिस्टर वहां नहीं था और उन्हें बताया गया कि प्रधान उसे अपने घर ले गए हैं। वहीं, पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने विधायक के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की गैरहाजिरी नहीं लगाई गई है। मलूका ने आरोप लगाया कि विधायक को नगर पंचायत के कार्यालयी काम में दखल देने का अधिकार नहीं है और वह माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई जांच करनी है तो प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया जाना चाहिए। इस घटना के बाद एक टीवी चैनल पर हुई बहस के दौरान, सिकंदर सिंह मलूका ने विधायक सिद्धू से कहा कि वह रामपुरा हलका छोड़कर भागें नहीं। मलूका ने कहा, मैं परमात्मा से अरदास करता हूं कि 2027 के चुनाव में भी रामपुरा से तुम्हें ही टिकट मिले। जवाब में, विधायक सिद्धू ने कहा कि हलके के लोग मलूका के बारे में जानते हैं, तभी वह चुनाव नहीं जीत पाए।