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धान की बुआई के 33 सौ रुपये एकड़ से ज्यादा देने वाले पर होगा जुर्माना

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धान की बुआई को लेकर पंचायतों ने अपना तुगलकी फरमान जारी करना शुरू कर दिया है। जगरांव की ग्राम पंचायत अखाड़ा ने भी एक ऐसा फरमान जारी कर दिया। इसमें साफ लिखा गया कि कोई भी किसान धान की बुआई करने वाले मजदूर को 33 सौ रुपये प्रति एकड़ से ज्यादा नहीं देगा। अगर किसी किसान ने इस बात को नहीं माना तो उसे 50 हजार रुपये जुर्माना होगा, वहीं पंचायत में खड़ा कर बेइज्जत किया जाएगा।
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यही नहीं व्यक्ति का गुरुघर से लेकर हर जगह पर बायकाट किया जाएगा। पंचायत के इस फैसले को लेकर मजदूरों में आक्रोश बढ़ गया है, मजदूरों ने इस मुद्दे को लेकर चक्काजाम कर अपना विरोध जताया है।
गौरतलब है कि गांव अखाड़ा की पंचायत द्वारा धान की बुआई की कीमत तय करने के लिए गांव की मौजूदा पंचायत पूर्व पंचायत किसान यूनियन कोऑपरेटिव सोसाइटी और महंत बाबा जरनैल सिंह के साथ-साथ समूह किसानों की सहमति से फैसला लिया गया है। धान की बुआई के लिए प्रति एकड़ 3300 रुपये लेबर को दिए जाएंगे। बैठक में मौजूद सभी लोगों द्वारा प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए पारित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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दूसरी तरफ पंचायत द्वारा तय किए गए रेट के खिलाफ मजदूरों ने पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह की अगुवाई में स्थानीय अखाड़ा नहर के पास पंचायत के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जगराओं और रायकोट मुख्य मार्ग पर धरना दिया। पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह, चमकौर सिंह, बूटा सिंह, गुरजीत सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरमेल सिंह, जीवन सिंह, बसंत सिंह ने बताया कि धान की बुआई के लिए पंचायत द्वारा जो रेट तय किए गए हैं हम उसका विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि मजदूर पिछले कई वर्षों से 4500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से धान की फसल की बुआई की कीमत वसूल रहे हैं। महंगाई की मार के चलते पंचायत द्वारा इस साल रेट बढ़ाने की बजाए घटाकर 3300 रुपये प्रति एकड़ करना निंदनीय है जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं कौंके कलां चौकी इंचार्ज एएसआई हरप्रीत सिंह ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों को रविवार बुलाया गया है, दोनों पक्षों के आपस में बातचीत के जरिये मामला सुलझा दिया जाएगा।
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