पंजाब में कई व्यवसाय एनआरआई पर निर्भर
पंजाब खासकर लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में व्यवसाय एनआरआई खरीदारों पर ज्यादा निर्भर हैं। खुदरा, हाॅस्पिटेलिटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में गिरावट देखी जा सकती है, जबकि प्रेषण में भी कमी आ सकती है। पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देकर, एनआरआई के लिए ऑनलाइन बिक्री का समर्थन करके और इन प्रभावों का मुकाबला करने के लिए नए बाजारों की खोज करके बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। माहिरों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ लगने के बाद कनाडा की अर्थव्यवस्था पर भी विपरीत असर होगा। उनकी जीडीपी में 3.25 फीसदी की कमी आ सकती है। रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।
जा सकती हैं नौकरियां
कनाडा के अमेरिका को निर्यात का लगभग 21 फीसदी हिस्सा कच्चे पेट्रोलियम का है। नए टैरिफ से इस व्यापार में बाधा आएगी। इसके अलावा ऑटोमोबाइल में यात्री वाहनों के अमेरिका को निर्यात का करीब आठ फीसदी हिस्सा है। ऑटोमोटिव पार्ट्स एवं एक्सेसरीज निर्यात का करीब 2.7 फीसदी हिस्सा है। यह क्षेत्र कनाडा एवं यूएस के बीच सप्लाई चेन की एकीकृत प्रकृति के कारण महत्वपूर्ण है। टैरिफ लगने से यह बाधित हो सकता है। इसके अलावा पेट्रोलियम गैसें, प्राकृतिक गैस इत्यादि का हिस्सा 2.8 फीसदी है। इस अलावा कनाडा से अमेरिका को निर्यात में 1.7 फीसदी हिस्सेदारी अनरॉट एल्युमिनियम की है। एल्युमिनियम उद्योग कनाडा की अर्थव्यव्स्था के लिए महत्वपूर्ण है। टैरिफ के कारण निर्यात कम हो सकता है और लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। वर्ष 2023 में भारत को अपने वैश्विक प्रवासी समुदाय से लगभग 125 बिलियन डॉलर का प्रेषण प्राप्त हुआ, जबकि पंजाबी मूल के अनिवासी भारतीय पंजाब में अपने परिवारों को हर माह एक हजार करोड़ से अधिक की रकम भेजते हैं। इसमें कनाडा के एनआरआई का बड़ा योगदान है।
पंजाब की अर्थव्यवस्था पर भी असर
पंजाब क्लाॅथ मर्चेंट्स एसोसिएशन के प्रधान साेनू नीलीबार कहते हैं कि कनाडा में टैरिफ लगने का असर बाजार में दिखने लगा है और अब तक पचास फीसदी कनाडा से आने वाले पंजाबियों की शाॅपिंग कम हो गई है। इसका पंजाब की अर्थव्यवस्था पर पंद्रह से बीस फीसदी असर हो सकता है। चालीस फीसदी तक कनाडा के लोग अपने बच्चों की शादी एवं खुशी के समारोह पंजाब में करते हैं अब उनमें कमी आएगी। उधर, एसोसिएशन के सचिव एसपी सिंह राजा कहते हैं कि यूएस की और से टैरिफ लगने से कनाडा में आर्थिक संकट गहराएगा और इसका सीधा असर पंजाब में देखने को मिल रहा है। एनआरआई शाॅपिंग में लगातार कमी देखने को मिल रही है। अभी इसका समधान नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल कारोबारी वेट एंड वाच की स्थिति में हैं।