फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विदेश में पढ़ाई का मोह हो रहा कम: तीन साल में 40 प्रतिशत घटे भारतीय छात्र, कड़े वीजा नियम-भारी खर्च बने वजह

Tue, 18 Aug 2026 10:01 AM IST
Nivedita कंवरपाल, संवाद, हलवारा

सार

कनाडा ने स्टडी और वर्क परमिट पर सख्ती बढ़ाई है। ब्रिटेन ने आश्रितों से जुड़े नियमों को कड़ा किया है। वहीं, अमेरिका में छात्र वीजा प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय युवाओं में विदेशी डिग्री हासिल करने की होड़ अब कम हो रही है। पिछले तीन वर्षों में विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में करीब 40 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है।
विज्ञापन


सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023 में 9.08 लाख छात्र विदेश गए थे जो 2026 में घटकर 5.66 लाख रह गए हैं। हालांकि, वर्तमान में 18.8 लाख भारतीय छात्र विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं। यह कमी भारतीय परिवारों की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती है।

विभिन्न देशों के कड़े आव्रजन नियम इसका एक प्रमुख कारण हैं। कनाडा ने स्टडी और वर्क परमिट पर सख्ती बढ़ाई है। ब्रिटेन ने आश्रितों से जुड़े नियमों को कड़ा किया है। वहीं, अमेरिका में छात्र वीजा प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता है।
विज्ञापन


लागत और विकल्पों का असर
विदेश में पढ़ाई का भारी खर्च भी एक बड़ी बाधा है। पिछले 10 वर्षों में लागत लगभग दोगुनी हो चुकी है। 30 से 50 लाख रुपये का शिक्षा ऋण अब वित्तीय जोखिम बन गया है। छात्र अब रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारत में बेहतर शिक्षा विकल्प दिए हैं, जिससे कई छात्र अब देश में कॅरिअर बनाने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें