लुधियाना में फर्जी आईडी, फर्जी नाम और पते पर मोबाइल सिम एक्टिवेट करवा कर ग्राहक को बिना उसके आईडी जाने बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने परदाफाश किया है। इस फर्जीवाड़े के तहत पिछले एक साल के दौरान दस हजार से अधिक लोगों को इस तरह के फर्जी दस्तावेजों पर आधारित मोबाइल कनेक्शन बेचे गए हैं।
पुलिस ने इस संबंध में जतिंदर उर्फ जतिन एवं अमनदीप वर्मा को गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह गिल ने की है।
अब पुलिस मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को नोटिस जारी करके सवाल करेगी कि आखिर फर्जी दस्तावेजों पर इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल सिम कैसे एक्टिवेट हो रहे थे। यदि किसी कंपनी का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी इसमें शामिल पाया गया तो वह भी पुलिस के शिकंजे में होगा।
पुलिस ने जतिंदर के कब्जे से प्रिंटर, स्कैनर, रिलायंस कंपनी के तीन डेमो सिम, 500 फर्जी प्रूफ, 300 रिलायंस के नए सिम कार्ड, 50 वोडाफोन के सिमकार्ड, 100 एयरटेल कंपनी के रेपर, 250 जाली फार्म रिलायंस, 184 सिम बिना रेपर और 47 जाली मोहरें बरामद की हैं।
अमनदीप वर्मा से मॉनिटर, पेन ड्राइव, कैमरा, 495 फर्जी तैयार फार्म, 300 रिलायंस के खाली रेपर, प्रिंटर और 140 रिलायंस के सिम कार्ड बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार जतिंदर की सराभा नगर में दुकान है। वहां से वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड एक्टिवेट कराता था। अमनदीप की शेरपुर चौक में दुकान है। यहां पर वह फर्जी आईडी फोटोशॉप में तैयार करता था। इसी तरह से उनका धंधा चल रहा था।
ग्राहक की मांग पर बिना उससे आईडी या अन्य जानकारी लिए उसे एक्टिवेटेड सिम कार्ड कुछ रुपये अधिक लेकर बेच देते थे। दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। इसमें और जानकारियां मिलने की संभावना है।