केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने देश में हो रही किसान आत्महत्याओं का ठीकरा पिछली सरकारों के सिर फोड़ा है। उन्होंने तर्क दिया कि सतयुग और त्रेेता युग में जो पाप करता था, वहीं प्रायश्चित करना था, लेकिन कलयुग में पाप कोई करता है, प्रायश्चित किसी और को करना पड़ता है।
देश में 67 साल के कांग्रेस और उनके गठबंधन की सरकारों ने किसान की अनदेखी की, किसान और कृषि के लिए कोई कारगर नीति नहीं बनाई, किसान की आमदनी बढ़ाने का प्रयास नहीं किया, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसान के लिए ठोस मुआवजा नहीं तय किया गया, इसी वजह से किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहा है। कृषि मंत्री शुक्रवार को लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कृषि मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने दो साल के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, फसल का बीमा करने, आपदा की स्थिति में अधिक मुआवजा देने, सहायक धंधों को बढ़ावा देने, ई-पोर्टल के जरिए उत्पादों की मार्केटिंग करने समेत कई किसान हितैषी स्कीमों को शुरू किया है। किसानों को उनका लाभ भी मिलना शुरू हो गया है। कई राज्यों ने केंद्रीय स्कीमों को लागू कर लिया है, लेकिन कुछ राज्य सरकारों से बातचीत चल रही है।
किसान ई-ट्रेडिंग और पीएम फसल बीमा योजना के लिए पंजाब सरकार से भी बातचीत की जा रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि लगता है कि पंजाब में फसल बीमा का चलन कम है। पंजाब और हरियाणा के किसान को गेहूं धान फसल चक्र से निकालने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अमृतसर में बागवानी अनुसंधान केंद्र बनाया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में मुआवजा तय करने के लिए राज्य सरकारों को सर्कुलर जारी किया गया है। फसल बीमा योजना को कम प्रीमियम के साथ कारगर बनाया गया है।
राज्य आपदा अनुक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में पिछली सरकार के वक्त 2010-15 के बीच पंजाब को 923.85 करोड़ रुपये दिए गए। मोदी सरकार के कार्यकाल में 2015-20 के लिए 2154 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
सॉयल हेल्थ कार्ड और सॉयल हेल्थ मैनेजमेंट में पंजाब सरकार को 2014-15 में 5.06 करोड़ और 2016-17 में 16.08 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। मई 2016 तक 3.51 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। पंजाब में गायों के लिए दो गोकुल ग्राम खोलने की मंजूरी दी गई है।
लुधियाना और जालंधर में दो कृषि व्यापार कनवेंशन सेंटर खोलने को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आपदा कोष में 2014-15 में नौ हजार करोड़ और 2015-165 में बढ़ाकर 13 हजार 500 करोड़ कर दिया गया। राधा मोहन सिंह ने कहा कि 2022 तक किसान की आय दोगुना करने के लिए मोदी सरकार लगातार प्रयासरत है। कांफ्रेंस में सांसद महेश गिरी, पंजाब के कृषि मंत्री तोता सिंह, प्रो. राजिंदर भंडारी, सतपाल गोसाईं, रविंदर अरोड़ा, परवीन बंसल, जतिंदर मित्तल और संजीव मल्होत्रा मौजूद रहे।