लुधियाना में चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) की ओर से आयोजित इंजीनियरिंग एक्सपो-2013 के अंतिम दिन उद्यमियों की चहल पहल रही।
खास कर दक्षिण अफ्रीकी एवं अरब देशों के राजदूतों के अलावा वहां के अधिकारियों एवं उद्यमियों ने दौरा किया। दक्षिण अफ्रीकी देशों ने पंजाब से कृषि उपकरणों एवं ट्रैक्टरों का आयात करने में रुचि दिखाई।
पंजाब के किसानों को वहां आकर खेती करने का भी न्योता दिया। उधर चैंबर ने इस प्रदर्शनी को पूरी तरह से सफल बताया। चैंबर का दावा है कि इस प्रदर्शनी के जरिए मेड इन लुधियाना ब्रांड को विश्व स्तर पर और मजबूत करने का अवसर मिला है।
प्रदर्शनी में पहुंचे कांगो के राजदूत फ्रेंसिया ने कहा कि उनके देश में अस्सी मिलियन हेक्टेयर जमीन है। इसमें से सिर्फ दस फीसदी का ही खेती के लिए उपयोग किया जा रहा है।
वहां पर कृषि क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। इनको कैश करने के लिए पंजाब का किसान भी हाथ आजमा सकता है। इसके अलावा ऑयल एक्सपेलर मशीनरी के आयात की भी काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि उनका देश भारत से सालाना करीब 50 हजार ट्रैक्टरों का आयात कर रहा है। यहां की क्वालिटी काफी बेहतर है। इसमें इजाफा करने की भी संभावनाओं को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा ऑटो पार्ट्स एवं घास काटने की मशीनरी में भी उन्होंने दिलचस्पी दिखाई।
उधर बोटस्वाना के राजदूत लेसिगो एथल मोत्सूमी ने भी कृषि उपकरणों का आयात बढ़ाने में रुचि दिखाई। लेसिगो ने कहा कि फिलहाल शिक्षा, हेल्थकेयर, फार्मा उत्पादों का आयात किया जा रहा है।
अब कृषि उपकरणों के आयात पर भी फोकस किया जा रहा है। पंजाब में बेहतर क्वालिटी के कृषि उपकरण बनाए जा रहे हैं। इस अवसर पर चैंबर के महासचिव अवतार सिंह ने कहा कि लुधियाना की इंडस्ट्री विदेशी खरीदारों की तमाम जरूरतें पूरी करने में सक्षम है। आने वाले वक्त में इस प्रदर्शनी के जरिए आईं कारोबारी संभावनाओं को कैश किया जाएगा।