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NRI का ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड: यू-ट्यूब से सीखा खाते से रुपये निकलवाने का तरीका, छह माह में निकवाए 28 लाख

Tue, 26 Nov 2024 10:59 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

आरोपी पलविंदर सिंह एनआरआई इकबाल सिंह संधू के पास बतौर ड्राइवर काम करता था और छह महीने पहले उसे एयरपोर्ट छोड़ने गया था। इसी दौरान आरोपी ने रास्ते में उसका सिम बदलकर रख लिया।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लुधियाना के एनआरआई इकबाल सिंह संधू के मोबाइल नंबर का सिम निकलवाने के बाद उनके खाते से अलग-अलग तारीखों पर 28 लाख रुपये निकलवाने वाला कोई और नहीं बल्कि उनका ड्राइवर ही निकला। ड्राइवर ने यू ट्यूब से सीखकर एनआरआई के खाते से पैसे निकलवाए थे। हैरानी की बात यह है कि फोन पर आने वाले मैसेज भी आरोपी के पास आते रहे और ई मेल का एक्सेस भी आरोपी ने धोखे से हासिल कर लिया।

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छह महीने बाद जब एनआरआई इकबाल सिंह संधू वापस आए तो उन्हें पता चला तब तक खातों में से 28 लाख रुपये निकल चुके थे। साइबर सेल की टीम ने इस मामले में ड्राइवर पलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 13 लाख 58 हजार रुपये की खाते में पड़ी रकम फ्रीज करवाई और उसके साथ-साथ विभिन्न बैंकों की छह पास बुक, आठ चेक बुक, 14 डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ साथ तीन मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी पलविंदर सिंह एनआरआई इकबाल सिंह संधू के पास बतौर ड्राइवर काम करता था और छह महीने पहले उसे एयरपोर्ट छोड़ने गया था। इसी दौरान आरोपी ने रास्ते में उसका सिम बदलकर रख लिया। इसके बाद आरोपी ने यू-ट्यूब के जरिये सीखा कि कैसे डेबिट कार्ड मंगवाते हैं और कैसे एक्सेस लिया जाता है। इसके बाद आरोपी ने उसी नंबर के जरिये पहले दोबारा सिम कार्ड हासिल किया और उसी से डेबिट कार्ड हासिल कर उसका ई-मेल एक्सेस हासिल किया। 
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इसके बाद आरोपी ने मोबाइल नंबर और ईमेल के साथ लिंक खातों में अलग-अलग तरीके से 28 लाख रुपये निकलवा लिए। जब कोई ओटीपी या फिर कोई मैसेज आता था तो वह एनआरआई इकबाल सिंह संधू की जगह उसे मिलता था, जिसका फायदा आरोपी उठाता रहा। आरोपी ने जो बैंक से डेबिट कार्ड मंगवाया था वह भी कोरियर से मंगवाया था और उस पर भी गलत पता दिया था। इसके बाद आरोपी फोन-पे, गूगल पे या फिर अन्य यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिये पेट्रोल पंप या फिर किसी को एंट्री कर पैसे ले लिए। जब पुलिस के पास शिकायत आई तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी। 11 दिन में पूरी जानकारी जुटाई गई और आरोपी के खाते में जो साढ़े 13 लाख से ऊपर की नकदी पड़ी थी उसका खाता फ्रीज करवाया। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है कि आरोपी ने बाकी के पैसे कहां खर्च किए।

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